बेंगलुरु के पास तीन नए निजी हवाई अड्डों की योजना, अंतिम मुहर लगाएगा एएआई

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बेंगलुरु, 27 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के आस पास तीन नए निजी हवाई अड्डों के विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया है। ये हवाई अड्डे कनकपुरा रोड पर और नेलमंगला-कुनिगल रोड पर बनाए जाने की चर्चा है। यह जानकारी राज्य मंत्री एमबी पाटिल ने दी।

उन्होंने बताया कि भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि एएआई) 17 मार्च से इन प्रस्तावित साइटों का दौरा शुरू कर चुका है। इसके बाद ही यह तय होगा कि ये परियोजनाएं आगे बढ़ेंगी या नहीं।

मंत्री पाटिल ने कहा, “हम एएआई को सभी जरूरी जानकारी देने के लिए तैयार हैं। इस बारे में पहले भी बैठक हो चुकी है और कल भी एक चर्चा हुई थी। हम पूरी तरह से तैयार हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये हवाई अड्डे ग्रीनफील्ड परियोजनाएं होंगी, यानी इन्हें नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि विकास का जिम्मा निजी कंपनियों, जैसे अंबानी और बजाज समूह के पास होगा। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर आधारित होगी।

हालांकि, इन हवाई अड्डों का भविष्य एएआई के निरीक्षण और वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन पर निर्भर करेगा।

पाटिल ने कहा, “हम उनकी ओर से जवाब नहीं दे सकते। वे साइटों का निरीक्षण करेंगे और बताएंगे कि ये उपयुक्त हैं या नहीं। इसके बाद हमें व्यवहार्यता का अध्ययन करना होगा कि क्या ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से टिकाऊ होंगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ जमीन दे रही है, लेकिन निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी निजी डेवलपर्स की होगी।

इस चर्चा में भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल का जिक्र भी आया, जिन्होंने इस तरह की परियोजनाओं पर सवाल उठाए थे।

पाटिल ने कहा, “यतनाल हमारी पार्टी से नहीं हैं। वे भाजपा के विधायक थे, जिन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। इस बारे में भाजपा नेता विजयेंद्र से पूछना चाहिए, मुझसे नहीं।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार का ध्यान सिर्फ परियोजना को आगे बढ़ाने पर है, न कि राजनीतिक विवादों पर। इन हवाई अड्डों के बनने से बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में हवाई संपर्क बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या ये वित्तीय रूप से लाभकारी साबित होंगे। एएआई की रिपोर्ट और अध्ययन के बाद ही यह तय होगा कि तीनों साइटों में से कौन सी मंजूरी पाती है।