नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। देश की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ इसी में से एक है, जिससे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और पंढुर्ना में भी लोग लाभान्वित हो रहे हैं। हजारों बेरोजगार व्यक्तियों को अपना खुद का व्यवसाय विकसित करने और स्थापित करने के लिए इसके जरिए बहुत जरूरी सहायता मिल रही है।
कारीगरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बनाई गई ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ में उन्हें अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करने और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। अब तक छिंदवाड़ा में जिला व्यापार और उद्योग केंद्र द्वारा योजना के तहत 3,055 ऋण आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे जा चुके हैं। 665 लाभार्थियों को कुल 5.86 करोड़ रुपये के ऋण के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, जिसमें 462 व्यक्तियों को 4.08 करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
ये लाभार्थी विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों जैसे कारपेंटर, लोहार, आभूषण निर्माण, मिट्टी के बर्तन, सिलाई, हेयर स्टाइलिंग, मोची, मूर्तिकला, खिलौने बनाने आदि से आते हैं।
छिंदवाड़ा के सांसद विवेक साहू ने इस पहल के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा, “कर्ज वितरण के साथ-साथ, हम लाभार्थियों को तकनीकी और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इससे उन्हें अपने व्यवसाय स्थापित करने और अपने संबंधित व्यवसायों में सफल होने में मदद मिलेगी।”
हेयर सैलून के मालिक अजय सराठे जैसे कारीगरों पर इसका बेहतरीन प्रभाव पड़ा है, जिन्होंने प्रशिक्षण के पहले बैच में भाग लिया था। अजय ने बताया, “पीएम विश्वकर्मा योजना से पहले, मेरे जैसे छोटे कारीगरों को बहुत अधिक समर्थन नहीं मिलता था। अब, मेरे कौशल में सुधार हुआ है, और मुझे कम ब्याज दर पर कर्ज मिला है, जिससे मैं उपकरण खरीद सकता हूं और अपना व्यवसाय बढ़ा सकता हूं।”
लोहे का काम करने वाले एक अन्य लाभार्थी सतीश मालवीय ने बताया, “मैं पीएम मोदी का मुझे मिली सभी मदद के लिए बहुत आभारी हूं। यह मेरे लिए जीवन बदलने वाला रहा है।”