मनोज कुमार के निधन पर अखिलेंद्र मिश्रा, हैदर काजमी ने जताया शोक

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जहानाबाद, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। सिनेमा जगत में भारत कुमार के नाम से मशहूर अभिनेता मनोज कुमार के निधन की खबर सुनकर फिल्म जगत के सितारे भी शोक में डूबे नजर आए। अभिनेता हैदर काजमी और अखिलेंद्र मिश्रा ने इस पर शोक व्यक्त किया।

एक कार्यक्रम में शामिल हुए अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा और भोजपुरी अभिनेता हैदर काजमी ने अभिनेता के निधन पर शोक जताया कहा की भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम देने वाले और देशभक्ति से ओत प्रोत कर देने वाली फिल्मों को बनाने वाले अभिनेता मनोज कुमार का निधन दुखदाई है और ऐसे कलाकार के जाने की भरपाई कभी भी नहीं हो पाएगी।

अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा, “ उनके जाने की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। मनोज कुमार जैसा टेक्निशियन मिलना मुश्किल है, केवल एक ही मनोज कुमार हुआ, दूसरा नहीं हो सकता। क्या युग था ‘मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती’… उन्होंने ‘उपकार’ जैसी फिल्में बनाई जिसमें पूरा भारत दिखा। ‘पूरब और पश्चिम’ में दो सभ्यताओं को दो संस्कृतियों का मिलन दिखा। ‘क्रांति’ ले लीजिए। उन्होंने फिल्म जगत को कई शानदार फिल्में दीं। उनके जाने की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है।“

अभिनेता हैदर काजमी मनोज कुमार के निधन की खबर को सुनकर आहत नजर आए। उन्होंने कहा, “मुझे खबर मिली, इस खबर से मैं दुखी हूं। फिलहाल मैं बिहार में शूटिंग कर रहा हूं और मुझे पता चला कि मनोज कुमार जी का देहांत हो गया है। वह मेरे गुरू हैं और उन्होंने मुझे पहला ब्रेक दिया था। उन्होंने एक टीवी शो बनाया था ‘भारत के शहीद’, जिसमें मैंने खुदीराम बोस का रोल निभाया था। वो मेरे निर्देशक थे।”

भाजपा सांसद-अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार के निधन पर कहा, “मनोज कुमार एक दिग्गज अभिनेता थे, जिन्हें भारत कुमार के नाम से जाना जाता था। वह एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए हर भारतीय में देशभक्ति की भावना जगाई। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री शोकमय है और हम भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”

फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “मनोज जी एक ऐसे कलाकार थे, जिनके योगदान को भूला नहीं जा सकता। हिंदुस्तान ने एक ऐसे दौर को जिया है, जिसे मनोज कुमार ने दिया था। भारतीय फिल्म निर्माता हमेशा उनके योगदान को याद रखेंगे। उनकी फिल्म ‘क्रांति’ हो या ‘पूरब और पश्चिम’, इन फिल्मों के माध्यम से उन्होंने देश को बहुत कुछ दिया है।”