नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की वजह भूपेंद्र सिंह हुड्डा को माना है।
चढूनी ने बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि गुरनाम सिंह के बयान से यह साफ तौर पर जाहिर होता है कि उनका मकसद कांग्रेस पार्टी के पक्ष में माहौल बनाना था। मतलब यह साफ हो गया कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा के अंदर किसानों के साथ अन्याय करना चाह रही थी। गुरनाम सिंह खुद जो चुनाव लड़े थे, उसमें उनको 1170 मात्र वोट मिले। इससे यह स्पष्ट हो चुका है कि हरियाणा का किसान यह जान चुका था कि कांग्रेस पार्टी किसान विरोधी दल है। राहुल गांधी किसान विरोधी हैं। तभी हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी के विकास रथ को चुनने का फैसला किया। हमारी सरकार किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि के जरिये किस्त पहुंचाती है।
उन्होंने आगे कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा किसानों के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के लिए बोल रहा था। कांग्रेस पार्टी अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किसान यूनियन और भारतीय किसान मोर्चा को एक मोर्चे के रूप में इस्तेमाल करना चाहती थी। अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसानों और किसान मोर्चा का दुरुपयोग करने के लिए राहुल गांधी को देश के नागरिकों और हरियाणा के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से कहते आए है कि कांग्रेस पार्टी की सोच और उनकी नीतियां किसानों के खिलाफ है। किसान, महिला, गरीब कांग्रेस पार्टी की कभी प्राथमिकता में नहीं रहा है। ऐसे में समाज का हर तबका पीएम मोदी के साथ है। कांग्रेस पार्टी को देश के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि किसान नेता और संयुक्त संघर्ष पार्टी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने हरियाणा में कांग्रेस की हार के पीछे भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष न बनाने की भी अपील की।


