स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन

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भोपाल : 31 जनवरी/ स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के स्कूल ऑफ एजुकेशन द्वारा आईक्यूएसी (IQAC) एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के संयुक्त तत्वावधान के अंतर्गत “एन्हान्सिंग टीचिंग कॉम्पिटेंसिस,डिजिटल पेडागॉजी &रिसर्च स्किल्स” पर एक सप्ताह का राष्ट्रीय स्तर का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की अध्यापन दक्षताओं को सशक्त बनाना, डिजिटल पेडागॉजी एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा शोध कौशल और शोध नैतिकता की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत आईसीटी टूल्स, एमओओसी (SWAYAM), लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एजुकेशन, रिफ्लेक्टिव टीचिंग एवं रिसर्च मेथडोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों द्वारा शिक्षण एवं शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए गए। भारतीय शिक्षक शिक्षा संस्थान (IITE), गांधीनगर के प्रो. डॉ. वायरल भारथभाई जादव ने ब्लूम्स टैक्सोनॉमी एवं कंपिटेंसी-बेस्ड लर्निंग पर प्रकाश डाला, वहीं कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, नई दिल्ली की प्रो. डॉ. सीमा शर्मा ने रिफ्लेक्टिव टीचिंग एवं क्रिटिकल थिंकिंग पेडागॉजी पर मार्गदर्शन किया। मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, भोपाल की डॉ. प्रविणी पांडगले ने शिक्षण में एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर जानकारी दी, जबकि मैट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर के प्रो. डॉ. रितेश मिश्रा ने MOOCs (SWAYAM) एवं LMS के माध्यम से ब्लेंडेड लर्निंग की प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा की। इसके साथ ही डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर की डॉ. पुष्पिता राजावत ने शोध पत्र लेखन एवं शोध नैतिकता तथा रामकृष्ण कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन, बैतूल के डॉ. शरद सुंदरम ने रिसर्च मेथडोलॉजी एवं डेटा विश्लेषण पर व्यावहारिक सत्र लिया।

इस राष्ट्रीय स्तर के FDP में मध्यप्रदेश सहित गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश से कॉलेज एवं विश्वविद्यालय फैकल्टी, शोधार्थी, स्कूल शिक्षक एवं प्रशिक्षुओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के परिणामस्वरूप प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण विधियों, डिजिटल टूल्स, शोध कौशल एवं शैक्षणिक नैतिकता की गहन समझ प्राप्त हुई, जिससे उनके पेशेवर विकास एवं अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा मिली।

इस अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाते हैं, कौशल-आधारित शिक्षा को मजबूती प्रदान करते हैं तथा गुणवत्तापूर्ण, नवाचार-आधारित शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर एसजीएसयू के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ सीतेश कुमार सिन्हा ने कहा कि फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों एवं शोध आधारित दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन एवं ई-प्रमाण पत्रों के वितरण के साथ किया गया।