चंपारण, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण के निवासी प्रधानमंत्री जन औषधि योजना (पीएमबीजेपी) से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में करीब 75 जन औषधि केंद्र खुले हुए हैं, जहां लोगों को सस्ती दरों में जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। इस योजना से महिलाओं को भी फायदा हो रहा है।
जन औषधि योजना से जहां एक ओर लाभार्थियों को सस्ती दरों में उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। उन्हें आर्थिक लाभ पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर यह लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहा है। इस योजना से महिलाएं भी लाभान्वित हो रही हैं। मोतिहारी की महिला अंकिता कुमारी अंग्रेजी से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके बाद उन्होंने रोजगार की इच्छा के साथ डी फार्मा किया और फिर जन औषधि केंद्र खोल दिया। अब यह आत्मनिर्भर होकर जन औषधि केंद्र चला रही हैं।
अंकिता कुमारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया, “जन औषधि केंद्र को चलाते हुए मुझे एक साल हो गए। कई जगहों पर इस योजना से लोग लाभान्वित हो रहे हैं। पीएम मोदी की यह योजना रोजगार का अच्छा साधन भी साबित हो रहा है। इस योजना से महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। गरीबों को इससे बहुत फायदा हो रहा है। उन्हें सस्ती और अच्छी दवाइयां मिल पा रही हैं। पीरियड्स के दौरान दिक्कत का सामना करने वाली महिलाओं को केंद्र से सस्ते दामों में पैड्स मिलता है। महिलाओं को 10 रुपए में 10 पैड्स मिलते हैं, जिससे महिलाओं को बहुत फायदा हो रहा है।”
जन औषधि केंद्र पर दवा लेने आए सच्चिदानंद झा ने बताया, “इस योजना से आम लोगों को बहुत फायदा हो रहा है। बाहर की तुलना में यहां पर सस्ते दामों में दवा मिलती हैं, जिससे लोगों को बचत हो रहा है। समाज के सभी वर्ग के लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। मुझे हर महीने करीब 3,000 रुपए का बचत होता है।”
बता दें कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है।