Saturday, June 13, 2026
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पीएम के नेतृत्व में देश के विकास के साथ मप्र ने बनाई अलग पहचान : डाॅ. यादव

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उज्जैन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश एक नवंबर को अपना 69वां स्थापना दिवस मना रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने इसे गौरवशाली क्षण करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस तरह प्रगति कर रहा है, उसी तरह मध्य प्रदेश ने भी अलग पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री डाॅ. यादव ने कहा कि एक नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है. यह हमारे लिए गौरवशाली क्षण है। मध्य प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है और उद्योग, कृषि, आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाएं उभर रही हैं। सरकार सभी को प्रोत्साहित कर रही है।हम सभी को मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया था और छत्तीसगढ़ वर्ष 2000 में उससे अलग हुआ था। इस तरह इस दिन राज्य दो हिस्सों में भी बंटा था। राज्य के स्थापना दिवस पर विविध और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उसी क्रम में इस बार बार दो दिन का कार्यक्रम है। 30 नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में हुआ और शुक्रवार को भी कार्यक्रम हो रहे हैं।

दीपावली के अवसर पर खासी धूम रही। अब गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया है। गोवर्धन पूजा को लेकर मुख्यमंत्री डाॅ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद हम गोवर्धन पूजा का त्योहार बहुत बड़े पैमाने पर मनाते हैं, हम गायों के प्रति अपना प्रेम भी जारी रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि म.प्र. दूध उत्पादन में नंबर वन राज्य बनाया जाए।

राज्य सरकार ने गोवर्धन पूजा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, इसके मुताबिक राज्य सरकार के तमाम मंत्री और जन प्रतिनिधि विभिन्न स्थानों पर गौशालाओं में पहुंचकर गायों की पूजा करेंगे।

स्थापना दिवस के पहले दिन का कार्यक्रम 30 अक्टूबर को हुआ था। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की गौरवशाली परंपराओं को सहेजते हुए विकास और प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने पर जोर दिया। साथ ही कहा, राज्य शासन द्वारा दशहरे पर शस्त्र-पूजन और दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा का आयोजन इस बात का प्रतीक है। प्रदेश की स्थापना दिवस पर परंपरागत मलखंब कला का प्रदर्शन भी इस भाव का प्रकटीकरण है। अतीत को सहेज कर समय के साथ चलने की यह विशेषता प्रदेश को विश्व में अलग पहचान प्रदान करती है।