केजरीवाल अपनी जेब भरने के उद्देश्य से दिल्ली आए थे : मनजिंदर सिंह सिरसा

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नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार केजरीवाल बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने में विफल रहे हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए उन्होंने दिल्ली सरकार को फ्रॉड बताया।

हाल ही में अक्षय कुमार से एक सवाल किया गया था कि वो किस राजनीतिज्ञ को अच्छा अभिनेता मानते हैं तो उन्होंने अरविंद केजरीवाल का नाम लिया था। सिरसा ने अक्षय की इस बात का समर्थन किया।

भाजपा नेता बोले, उन्होंने (अक्षय कुमार) कहा था कि अगर सबसे बड़ी नौटंकी कोई कर सकता है तो वो केजरीवाल हैं। अरविंद केजरीवाल हर साल दिल्ली के लोगों से झूठे वादे करते हैं। वो कहते हैं कि हर साल यमुना नदी में डुबकी लगाऊंगा। वो हर साल कहते हैं कि अगले साल दिल्ली की हवा साफ हो जाएगी, दिल्ली अमेरिका और कनाडा बन जाएगा। लेकिन इस आदमी ने सिर्फ दिल्ली को लूटा है। केजरीवाल एक ही उद्देश्य लेकर अपनी जेबों को भरने के लिए दिल्ली में आए थे।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली की हवा और यमुना का पानी गंदा है। यहां पर एक्यूआई लेवल इतना ऊपर जा चुका है कि बच्चों को सांस नहीं लिया जा रहा। बच्चे और बुजुर्ग यहां पर तड़प रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के हालात तभी बदलेंगे, जब केजरीवाल दिल्ली को छोड़ कर जाएंगे। उनको यहां से भगा कर दिल्ली को बचाना होगा।

वहीं, अकाली दल में खटपट और सुखबीर सिंह बादल के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर भाजपा नेता ने कहा कि उनको अकाल दल ने तनखैया घोषित किया है, जिसका मतलब है कि वो आज किसी भी सिख के साथ नहीं मिल सकते। पार्टी का मुखिया होना गलत था, ऐसे में मुझे लगता है कि उन्होंने ठीक कदम उठाया है। ये कदम सुखबीर सिंह बादल को दो महीने पहले उठाना चाहिए था। जब तक वो अपनी सजा पूरी नहीं कर लेते, उनको किसी भी पार्टी में मुखिया के तौर पर नहीं काम करना चाहिए था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नितिन रावत ने कहा है कि जय भीम बोलने की वजह से उनको कैबिनेट से निकाल दिया गया। इस पर भी मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है। उनको इस लिए कैबिनेट से निकाला गया था, क्योंकि तब के मुख्यमंत्री ने उनको कहा था कि पहले जय भीम के नारे लगाने बंद करो। ऐसे में कांग्रेस हमेशा से ही दलित विरोधी रही है, ये वो पार्टी है जिसने बाबा साहेब अंबेडकर को हराया। यह बहुत स्पष्ट है कि कांग्रेस एंटी दलित थी, है और आगे भी रहने वाली है।