Friday, June 12, 2026
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डिजिटल युग में सायबर सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए: मिथिलेश शुक्ला

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भोपाल/रायसेन : 6 फरवरी/ रायसेन पुलिस और रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सायबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि श्री मिथिलेश शुक्ला आई.जी. रायसेन, म.प्र., बतौर विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत खरे, डी.आई.जी. रायसेन म.प्र., श्री पंकज पाण्डेय, एस.पी. रायसेन, श्री राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज़ मंडीदीप, डॉ. संजीव गुप्ता, प्रो-वाइस चांसलर आरएनटीयू, वहीं बतौर मुख्य वक्ता श्री योगेश पंडित, साइबर एक्सपर्ट एवं एडवोकेट, श्री अनंत श्रीवास्तव, साइबर एक्सपर्ट, श्री शैलेन्द्र कुमार, सीनियर टेक्निकल लीड विशेष रूप से उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों, विद्यार्थियों एवं संस्थानों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।

मुख्य अतिथी श्री मिथिलेश शुक्ला आई.जी. रायसेन, म.प्र. ने कहा “डिजिटल युग में सायबर सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।” आज के समय में हम सभी इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं, चाहे वह बैंकिंग हो, सोशल मीडिया हो या हमारे निजी और व्यावसायिक डेटा का प्रबंधन। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल सुविधाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। सायबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर आम नागरिकों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं। हमने देखा है कि फिशिंग, रैंसमवेयर, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, डेटा चोरी, हैकिंग और अन्य सायबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इनसे बचने के लिए हमें न केवल सतर्क रहना होगा, बल्कि सायबर सुरक्षा के सही उपाय भी अपनाने होंगे। रायसेन पुलिस नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से सायबर सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चला रही है।

विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत खरे, डी.आई.जी. रायसेन ने कहा “सायबर अपराध केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है।” हम जिस डिजिटल युग में जी रहे हैं, उसमें सायबर अपराध अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं रहा, बल्कि यह एक सामाजिक समस्या भी बन चुका है। युवा वर्ग, खासकर विद्यार्थी, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जिससे वे कई बार सायबर अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं। हमें समझना होगा कि ‘डिजिटल जागरूकता ही सायबर सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है।’ किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें, अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अजनबी से साझा न करें।

श्री राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज़ मंडीदीप ने कहा कि “उद्योगों और व्यापारिक संगठनों को भी सायबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए, ताकि वे सायबर हमलों से सुरक्षित रह सकें।” श्री पंकज पाण्डेय, एस.पी. रायसेन ने कहा सायबर अपराधों से बचने के लिए हमें डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना होगा। पुलिस प्रशासन इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चला रहा है।