Saturday, July 25, 2026
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    ‘स्पेशियलिटी स्टील’ के लिए पीएलआई योजना में 17,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी कंपनियां

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    नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। स्पेशियलिटी स्टील के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 1.1 के दूसरे राउंड में 17,000 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने दी है। इस योजना के विस्तार से स्पेशियलिटी स्टील के उत्पादन में भारत दुन‍िया के अन्‍य देशाें का मुकाबला करने में सक्षम हो सकेगा।

    इस्पात मंत्रालय ने स्पेशियलिटी स्टील के लिए पीएलआई योजना 1.1 के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी के अनुसार, यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “पीएलआई योजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भरता के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत स्टील का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है, फिर भी हम अभी भी कुछ उच्च श्रेणी की किस्मों का आयात करते हैं। इस योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर उस अंतर को पाटना है।”

    जुलाई 2021 में शुरू की गई, स्पेशियलिटी स्टील के लिए पीएलआई योजना में पांच कैटेगरी और 19 सब कैटेगरी शामिल हैं।

    यह पहल सुनिश्चित करती है कि केवल भारत में रजिस्टर्ड और एंड-टू-एंड स्टील उत्पादन से जुड़ी कंपनियां ही प्रोत्साहन के लिए पात्र हों।

    इस योजना ने उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी का मार्ग प्रशस्‍त क‍िया है। इससे सरकार को राउंड 2 शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक कंपनियों को लाभ मिल सके।

    निवेश को प्रोत्साहित करने और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार निवेश और उत्पादन लक्ष्यों के आधार पर 3-4 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन दे रही है।

    पहले दौर में, 23 कंपनियों द्वारा 44 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से एक परियोजना के लिए प्रोत्साहन पहले ही प्रदान क‍िए जा चुके हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “दूसरे दौर में और भी अधिक उत्साह देखा गया, जिसमें 25 कंपनियों ने 42 आवेदन प्रस्तुत किए, जिसमें 17,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई।”

    पीएलआई 1.1 के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए इस्पात मंत्रालय के अधिकारियों और मेकॉन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “मंत्रालय के अधिकारियों और मेकॉन टीम द्वारा दिखाए गए समर्पण और दक्षता ने इस योजना को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने में उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं।”

    केंद्रीय मंत्री ने घरेलू इस्पात निर्माताओं से भी अपील की और उनसे स्पेशियलिटी स्टील उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा, “घरेलू स्तर पर हम स्पेशियलिटी स्टील का निर्माण नहीं कर रहे हैं, लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से अपने इस्पात निर्माताओं से स्पेशियलिटी स्टील प्लांट में निवेश करने का अनुरोध करता हूं। अगर आप घरेलू स्तर पर स्पेशियलिटी स्टील का उत्पादन करने में सफल होते हैं, तो इससे देश में क्षमता और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मैं सभी हितधारकों से इस चुनौती को स्वीकार करने और हमारी आत्मनिर्भरता में योगदान देने का आग्रह करता हूं।”