डाक विभाग और एएमएफआई ने 24.13 करोड़ म्यूचुअल फंड निवेशकों के केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए मिलाया साझेदारी का हाथ

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    नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। डाक विभाग ने लगभग 24.13 करोड़ म्यूचुअल फंड निवेशकों के केवाईसी (नो योर कस्टमर) वेरिफिकेशन को सुव्यवस्थित करने के लिए एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के साथ साझेदारी का हाथ मिलाया है।

    एएमएफआई के 30 जून के आंकड़ों के अनुसार, इसमें इक्विटी, हाइब्रिड और सॉल्यूशन ऑरिएंटेड योजनाओं के 19.04 करोड़ फोलियो शामिल हैं।

    इस समझौता ज्ञापन पर डाक विभाग की ओर से महाप्रबंधक (व्यावसायिक विकास) सुश्री मनीषा बंसल बादल और एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. एन. चलसानी ने हस्ताक्षर किए।

    वित्त वर्ष 2023 में लगभग 4 मिलियन, वित्त वर्ष 2024 में 6.9 मिलियन और वित्त वर्ष 2025 में 9.7 मिलियन नए निवेशकों के सालाना निवेशक जुड़ाव के साथ, यह ऐतिहासिक समझौता एएमएफआई के अंतर्गत आने वाली सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को उनके विशाल और बढ़ते निवेशक आधार के लिए निर्बाध केवाईसी अनुपालन सुनिश्चित कर पूरे भारत में परिचालन दक्षता और वित्तीय समावेशन को बढ़ाकर लाभान्वित करेगा।

    इस समझौते के तहत, डाक विभाग अपने 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से केवाईसी वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंट कलेक्शन सर्विस प्रदान करेगा, जिससे म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए कुशल अनुपालन सुनिश्चित होगा।

    भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाला एएमएफआई, अपने सदस्य एएमसी की ओर से केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों के रिकॉर्ड में निवेशकों के लिए “केवाईसी वैलिडेट” स्टेटस प्राप्त करने के लिए इस पहल को सुगम बनाएगा।

    एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह साझेदारी तेजी से बढ़ते निवेशक आधार की केवाईसी वेरिफिकेसन आवश्यकताओं को पूरा करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि अनुमानित 9.7 मिलियन नए निवेशक सालाना निर्बाध रूप से जुड़ें।

    डाक विभाग के व्यवसाय विकास निदेशालय की महाप्रबंधक मनीषा बंसल बादल ने कहा, “यह सहयोग वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और देश भर के निवेशकों के लिए केवाईसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए हमारे व्यापक पोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करता है।”

    एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीएन चलसानी ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले पुराने निवेशकों के लिए नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में उद्योग के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

    उन्होंने आगे कहा, “इस पहल से निवेशकों को अपने फोलियो को रिवाइव करने और म्यूचुअल फंड में निर्बाध निवेश जारी रखने में मदद मिलेगी।”

    यह समझौता जुलाई 2025 से एक वर्ष के लिए प्रभावी है। रिन्यूएबल होने के साथ इसमें सख्त गोपनीयता उपाय, सेबी नियमों का अनुपालन और निवेशक डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल हैं। यह पहल भारत के वित्तीय क्षेत्र में निवेशक सेवा और परिचालन दक्षता में एक नया मानक स्थापित करने के लिए तैयार है।