भोपाल, 29 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रेल मंडल के अधीन आने वाले रेलवे परिसर से लेकर गाड़ियों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के मकसद से रेलवे सुरक्षा बल ने मिशन ऑक्टोपस शुरू किया है।
इस अभियान का मकसद पत्थरबाजी से लेकर चोरी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। रेल सुरक्षा बल भोपाल मंडल द्वारा शुरू किए गए मिशन ऑक्टोपस का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों अथवा रेलवे परिसर में घटित होने वाले अपराध जैसे पत्थरबाजी, मोबाइल चोरी, अनाधिकृत हॉकिंग, वेंडिंग, अनाधिकृत चैन पुलिंग, अन्य यात्री विषयक अपराध, ट्रेस पासिंग इत्यादि को प्रभावी ढंग से रोकना है।
आरपीएफ द्वारा पूर्व में की गई कार्रवाईयों पर नजर दौड़ाएं तो एक बात सामने आती है कि जुलाई 2025 और अगस्त 2025 के बीच रेल सुरक्षा बल भोपाल मंडल द्वारा अनाधिकृत हॉकिंग व वेंडिंग के तहत 1742 वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही साथ 83 बच्चों को उचित माध्यम से अपने परिजनों को सुपुर्द किया।
रेल परिसर में अनाधिकृत प्रवेश करने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई करते हुए 370 लोगों पर कार्रवाई की गई। अलार्म चैन पुलिंग करने वाले 1004 लोगों पर कार्रवाई हुई है तथा चोरी, पत्थरबाजी एवं महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ भी रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 19 मामलों में कार्रवाई की गई है।
इसी तरह नारकोटिक्स की तस्करी रोकने के लिए भी रेलवे सुरक्षा बल भोपाल मंडल द्वारा कस्टम विभाग से समन्वय करते हुए दो बड़े केस पकड़े गए हैं, जिसमें भोपाल पोस्ट द्वारा 24.18 किग्रा. हाइड्रोपोनिक गांजा जिसकी कीमत 24.18 करोड़ रूपये आंकी गई है तथा रानी कमलापति पोस्ट द्वारा 5.50 किग्रा. गांजा जिसकी कीमत 1.20 लाख रूपये आंकी गई है। मिशन को आक्टोपस नाम दिए जाने की वजह भी है। जिस प्रकार ऑक्टोपस के कई पैर होते हैं, इस मिशन का भी नाम यही देखते हुए रखा गया है क्योंकि यह ट्रेनों एवं रेल परिसर में होने वाले अनेक अपराधों को नियंत्रित करने के लिए एक साथ टारगेट करता है।