फूड पॉइजनिंग से लेकर टाइफाइड तक फैला सकते हैं ‘तिलचट्टे’, जानिए कैसे मिलेगा छुटकारा

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नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। बारिश का मौसम आते ही ठंडक और राहत तो मिलती है, लेकिन साथ ही कुछ परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इन्हीं परेशानियों में से एक है घर में तिलचट्टों यानि कॉकरोचों का दिखना। बारिश के दिनों में अक्सर देखा जाता है कि रसोईघर, बाथरूम और नाली के आसपास कॉकरोच घूमते नजर आते हैं। ये कहीं न कहीं आपकी सेहत को भी चुपचाप नुकसान पहुंचा सकते हैं।

वैज्ञानिक रिसर्च की माने तो कॉकरोचों की वजह से पेट से जुड़ी दिक्कतें, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दरअसल, इनकी आंतों में एक बैक्टीरिया पाया जाता है जिसे स्यूडोमोनास एरुगिनोसा कहा जाता है। ये बैक्टीरिया इंसानों में पेशाब की नली में संक्रमण, पाचन तंत्र की परेशानी और कभी-कभी खून में संक्रमण जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉकरोच के जरिए खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया आते हैं, जिससे फूड-बॉर्न बीमारियां होती हैं। वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि हर साल दुनियाभर में लगभग 60 करोड़ लोग ऐसे रोगों का शिकार होते हैं और इनमें से 4 लाख 20 हजार लोगों की मौत भी हो जाती है।

इसका समाधान रसोईघर में है।

नीम: नीम को आयुर्वेद में चमत्कारी माना गया है। नीम के पत्तों का तेल या उसका पाउडर उन जगहों पर डालें जहां कॉकरोच छिपते हैं, जैसे कि रसोई की अलमारियां, सिंक के किनारे, या फिर बाथरूम के कोने। नीम की तेज महक कॉकरोचों को वहां से भागने पर मजबूर कर देती है।

बेकिंग सोडा: ये एक आसान और सस्ता तरीका है, जो हर घर में मिल जाता है। बेकिंग सोडा में जब चीनी मिलाकर जगह-जगह रखा जाता है, तो कॉकरोच उसे खाने के लिए आते हैं। लेकिन चीनी के साथ मिला बेकिंग सोडा उनके पेट में जाकर गैस बनाता है और उन्हें मार देता है। धीरे-धीरे ये उपाय पूरे घर से कॉकरोच खत्म कर देता है।

तेजपत्ता: यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। तेजपत्ते को पीसकर पाउडर बना लें या फिर पानी में उबालकर उसका स्प्रे तैयार करें। इस पानी को उन जगहों पर छिड़कें जहां कॉकरोच दिखते हैं। इसकी खुशबू उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं होती।

लौंग: लौंग की तेज खुशबू न सिर्फ कॉकरोचों बल्कि कई कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है। आप बस कुछ लौंग रसोई के कोनों में, अलमारियों में या फिर सिंक के आसपास रख दीजिए। यह तरीका भी काफी हद तक कारगर साबित होता है।