बागेश्वर धाम पदयात्रा के चलते मथुरा एनएच-19 पर 13 से 16 नवंबर तक ट्रैफिक डायवर्जन

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मथुरा, 10 नवंबर (आईएएनएस)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ को देखते हुए, मथुरा की यातायात पुलिस ने 13 नवंबर से 16 नवंबर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएस-19) पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करने का निर्णय लिया है।

यह डायवर्जन 12 नवंबर की मध्यरात्रि 12:00 बजे से प्रभावी हो जाएगी, जिसका सीधा असर दिल्ली, आगरा और ग्वालियर के बीच सड़क यातायात पर पड़ेगा।

सुरक्षा और सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए, प्रशासन ने एनएच-19 का प्रयोग करने वाले सभी प्रकार के भारी, कमर्शियल वाहनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली, पलवल, फरीदाबाद और मथुरा शहर की ओर से आने वाले ये वाहन अब इस मार्ग का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

आगरा, ग्वालियर, कानपुर और दिल्ली की ओर जाने वाले सभी भारी वाहनों को यमुना एक्सप्रेसवे का प्रयोग करने के लिए कड़ा निर्देश दिया गया है। आगरा से दिल्ली जाने वाले वाहन रिफाइनरी अंडरपास से मथुरा-बरेली हाईवे होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे लेंगे।

वहीं, ग्वालियर और कानपुर की ओर से आने वाले वाहन रैपुरा जाट अंडरपास से यू-टर्न लेकर वापस आगरा सीमा से एक्सप्रेसवे का प्रयोग करेंगे। हाथरस और अलीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहन भी राया कट से एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किए जाएंगे।

साथ ही, मथुरा के नंदगांव, बरसाना और गोवर्धन से छाता, कोसी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को गोवर्धन चौराहा से मथुरा-बरेली हाईवे या यमुना एक्सप्रेस-वे की ओर मोड़ा जाएगा और राणा की प्याऊ, नंदगांव चौकी तिराहा और नीमगांव तिराहा से कोसी, छाता की ओर सभी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

ट्रैफिक पुलिस ने हल्के वाहनों को फिलहाल एनएच-19 पर एक पंक्ति में चलने की सीमित अनुमति दी है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इन्हें भी प्रतिबंधित कर यमुना एक्सप्रेस-वे का प्रयोग करने के लिए कहा जा सकता है। इसीलिए लोग घर से निकलने से पहले रूट देखकर ही निकलें जिससे उनको परेशानी न हो।

यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए एनएच-19 का प्रयोग करने से बचें और डायवर्जन प्लान का पालन करें। हालांकि, एम्बुलेंस और फायर सर्विस जैसे आपातकालीन वाहनों को सभी प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है।