Tuesday, July 14, 2026
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बोत्सवाना की दो दिवसीय यात्रा पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की

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नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छह दिवसीय अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। चार दिवसीय अंगोला यात्रा के बाद अब वे बोत्सवाना के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

इस क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राजधानी गैबोरोन स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान बोत्सवाना गणराज्य के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी।

इस बीच दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत में चीता भेजने पर सहमति जताने के लिए राष्ट्रपति बोको और बोत्सवाना के लोगों का धन्यवाद किया।

बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने गैबोरोन स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने विस्तृत चर्चाओं में व्यापार और निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

इस अवसर पर बोत्सवाना के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती भारतीय दवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।

अफ्रीका की दो देशीय यात्रा के अंतिम चरण में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोत्सवाना के गैबोरोन स्थित सर सेरेत्से खामा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। भारत-बोत्सवाना मैत्री की गहराई को दर्शाते हुए, हवाई अड्डे पर आगमन पर बोत्सवाना के राष्ट्रपति एडवोकेट ड्यूमा गिदोन बोको ने उनका से स्वागत किया और उन्हें औपचारिक स्वागत एवं गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंगोला की राजधानी लुआंडा में भारत के राजदूत द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत-अंगोला साझेदारी समानता, आपसी विश्वास और प्रगति की साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के अपार अवसर मौजूद हैं। उन्होंने अंगोला में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भारत और अंगोला की साझा समृद्धि को साकार करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।