चेन्नई, 22 नवंबर (आईएएनएस)। इंडियन कोस्ट गार्ड स्टेशन मंडपम ने हाल ही में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने तेजी से काम करते हुए, कस्टम्स और तमिलनाडु फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (मरीन एलीट फोर्स) के साथ मिलकर 21 नवंबर (शुक्रवार) को 400 किलो सी कुकुम्बर जब्त किए। इसकी कीमत बाजार में लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सी कुकुम्बर, जिसे समुद्री खीरा भी कहते हैं, एक तरह का समुद्री जीव है। यह सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि दवाइयों और एशियाई मार्केट में डिमांड के कारण भी काफी कीमती माना जाता है, लेकिन इस प्रजाति की संख्या लगातार घटती जा रही है। यही वजह है कि इसे वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 के तहत सुरक्षा मिली हुई है। इसे पकड़ना, बेचना या ट्रैफिकिंग करना पूरी तरह से गैरकानूनी है।
मामला काफी गंभीर था क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही थी। इंडियन कोस्ट गार्ड की टीम ने सूझ-बूझ और तेजी से काम करते हुए इसे रोका। यह सिर्फ एक जब्ती नहीं है, बल्कि समुद्री जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ी कामयाबी है।
वहीं, इससे पहले इंडियन कोस्ट गार्ड ने 20 नवंबर को भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। इंडियन कोस्ट गार्ड ने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र के अंदर गैर-कानूनी तरीके से मछली पकड़ने के आरोप में 28 क्रू के साथ एक बांग्लादेशी मछली पकड़ने वाली नाव को पकड़ा था। नाव और उसके क्रू को बाद में कानूनी कार्रवाई के लिए फ्रेजरगंज में वेस्ट बंगाल मरीन पुलिस को सौंप दिया गया था।
यह ऑपरेशन आईसीजी के इंडिया की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, सॉवरेन अधिकारों की रक्षा और हमारे समुद्री संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्के वादे को दिखाता है। एक हफ्ते के अंदर यह चौथी गिरफ्तारी थी जो समुद्र में फर्स्ट रेस्पॉन्डर के तौर पर आईसीजी के पक्के समर्पण को दिखाती है। वहीं, शुक्रवार को फिर इंडियन कोस्ट गार्ड स्टेशन मंडपम ने 400 किलो सी कुकुम्बर कर अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है।

