नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद हर तरह के उग्रवाद और अतिवाद की निंदा की। उन्होंने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी चिंता जताई और मांग की कि इस तरह के विषयों पर सरकार को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली ब्लास्ट केस पर कहा, “हम इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें बेगुनाहों की जान चली गई। जमात हर तरह के उग्रवाद, अतिवाद और हिंसा की कड़ी निंदा करती है, चाहे गुनहगार कोई भी हो और उसका मकसद कुछ भी हो। आत्मघाती हमले और बड़े पैमाने पर हिंसा मानव सम्मान, नैतिकता और सभ्यता के हर उसूल का उल्लंघन करते हैं। हर नागरिक और संस्था को आतंकवाद का विरोध करना चाहिए।”
उन्होंने लाल किले में हुए धमाके और हाल ही में श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए बारूद-धमाके से सामने आई सुरक्षा खामियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने रूढ़िबद्ध धारणा और पूरे समुदाय को बदनाम करने पर भी चिंता जताई और कहा कि ऐसी बातें समाज में फूट डालती हैं और आतंकवादियों की स्ट्रेटेजी में मदद करती हैं।
वायु प्रदूषण के संकट के बारे में सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने अस्थाई उपायों के बजाय पूरे देश में विज्ञान-विधि से स्थायी साफ हवा की स्ट्रैटेजी अपनाने की अपील की। उन्होंने सरकार से इंडस्ट्रियल और गाड़ियों के नियमों को सख्ती से लागू करने, फसल के पराली को जलाने के लिए किसानों के लिए अच्छे समाधान और लोगों की सेहत व रोजी-रोटी की रक्षा के लिए साफ सार्वजनिक गतिशीलता को बढ़ाने की अपील की।
वक्फ रजिस्ट्रेशन पर उन्होंने जमात-ए-इस्लामी हिंद के व्यावहारिक जवाब के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक सेंट्रल वक्फ हेल्प डेस्क और स्टेट वक्फ सेल बनाया गया है, जिसमें करीब 150 प्रशिक्षित वॉलंटियर, वर्कशॉप, हेल्पलाइन और फील्ड में मदद दी जा रही है ताकि मुतवल्लियों को ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड पूरा करने में मदद मिल सके।
उन्होंने सरकार से रजिस्ट्रेशन में समय वृद्धि और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को तुरंत ठीक करने की अपील की, ताकि सिस्टम फेल होने की वजह से कोई वक्फ प्रॉपर्टी का नुकसान न हो। सआदतुल्लाह हुसैनी ने वक्फ संशोधन अधिनियम के लिए जेआईएच के प्रिंसिपल विरोध को दोहराया क्योंकि यह एक्ट अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है और संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ है।
सआदतुल्लाह हुसैनी ने वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद के सैद्धांतिक विरोध को दोहराया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी हुसैनी ने प्रतिक्रिया दी और बीएलओ की मौतों व प्रक्रिया में कथित तौर पर अस्पष्टता जैसे विषयों पर चिंता जताई। उन्होंने जमात की तरफ से मांग रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग स्टाफ बढ़ाए, टाइमलाइन में विस्तार दे, फील्ड स्टाफ के लिए मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता दे व स्वतंत्र निगरानी के साथ पारदर्शी शिकायत निवारण शुरू करे।




