शाइना एनसी की अखिलेश यादव को नसीहत, बोलीं- बिना सबूत के एसआईआर को लेकर न फैलाएं भ्रम

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मुंबई, 29 नवंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एसआईआर के जरिए लोगों के मताधिकार को छीने जाने के बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक बड़े नेता हैं, इसलिए उन्हें बोलने से पहले सोचना चाहिए। एसआईआर वोट हटाने का नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने का काम है।

शाइना एनसी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए यह जरूरी है कि डुप्लीकेट नाम हटाए जाएं, ऐसे नाम हटाए जाएं जो गलती से दो बार चढ़ गए हों और वो नाम भी हटें जो अवैध रूप से सूची में शामिल हुए हों। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मकसद किसी का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करना है।

उनका कहना है कि अगर अखिलेश यादव को कोई शिकायत है तो उनके पास चुनाव आयोग में जाकर शिकायत करने का पूरा हक है, मगर बिना वजह डर फैलाना या गलत बातें कहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार कभी ईवीएम पर सवाल उठाता है, कभी चुनाव आयोग पर और कभी किसी और वजह से नकारात्मक माहौल बनाता है, जबकि भारत एक मजबूत और समृद्ध लोकतंत्र है, जहां बूथ लेवल ऑफिसर से लेकर चुनाव आयोग तक, सबकी जिम्मेदारी है कि चुनाव निष्पक्ष हों। इसलिए किसी को भी बिना सबूत के अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।

इस दौरान शाइना एनसी ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में आई 8.2 प्रतिशत की रियल जीडीपी ग्रोथ दर्ज की गई, जो अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं मुश्किलों में हैं, तब भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि सेकेंडरी सेक्टर यानी उद्योग और निर्माण में लगभग 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निर्माण क्षेत्र 7.2 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग 9 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

इसी तरह टर्शियरी सेक्टर सेवाएँ भी 9.2 प्रतिशत की तेज रफ्तार से बढ़ी हैं। खास तौर पर वित्त, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज़ में लगभग 10.2 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखने को मिली। कृषि क्षेत्र में भी 3.5 प्रतिशत की स्थिर बढ़त दर्ज हुई। प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर 7.9 प्रतिशत बढ़ा है।

शाइना एनसी ने कहा कि भारत अब तेजी से उन देशों की कतार में खड़ा हो रहा है जो विकसित बनने की राह पर हैं और आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है।