नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। सर्दियां आते ही मेथी की खुशबू रसोई में बस जाती है। आयुर्वेद में तो इसे ऐसी हरी सब्जी माना गया है जो शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करती है। यह खून को साफ करती है, पाचन सुधारती है, शुगर कंट्रोल में मदद करती है और शरीर को भीतर से गर्म रखती है। यदि इसे सही तरीके से खाया जाए तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं।
सबसे पहले बात करते हैं भिगोई हुई मेथी दाना की। इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से गैस, एसिडिटी, सूजन और शुगर पर तुरंत असर होता है। बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और स्किन भी चमकती है। इसी तरह मेथी को जब गुड़ के साथ लिया जाता है, तो यह शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ा देता है। इसलिए जिन लोगों को कमजोरी, एनीमिया या पीरियड्स में दर्द की समस्या रहती है, उनके लिए मेथी और गुड़ का यह कॉम्बिनेशन बहुत फायदेमंद है।
सूजन या शरीर दर्द को कम करने में मेथी और हल्दी का मिश्रण अच्छा माना जाता है। यह जोड़ों की जकड़न, दर्द और शरीर की सूजन को काफी हद तक कम करता है। इसी तरह मेथी का साग अगर हल्के स्टीम में पकाया जाए तो उसका पोषण लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। तड़का लगाने से कई पौष्टिक तत्व खत्म हो जाते हैं, इसलिए स्टीम की हुई मेथी को थोड़ा घी डालकर खाना ज्यादा लाभकारी होता है।
जिन लोगों को गर्म तासीर की वजह से मेथी सूट नहीं करती, उनके लिए मेथी और दही का मेल परफेक्ट है। दही मेथी की गर्मी को संतुलित कर देता है और यह मिश्रण गैस, एसिडिटी और पेट फूलने में तुरंत राहत देता है।
सर्दियों में कफ, खांसी और जुकाम से परेशानी रहती है तो मेथी और अदरक की चाय बहुत असरदार मानी गई है। यह गले को राहत देती है और कफ को साफ करती है। मेथी दाना बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसे भिगोकर हेयर मास्क की तरह लगाने से बाल झड़ना कम होता है और डैंड्रफ भी घटता है।
अंकुरित मेथी (स्प्राउटेड मेथी) सबसे ज्यादा पौष्टिक मानी जाती है। इसमें विटामिन और एंजाइम कई गुना बढ़ जाते हैं, इसलिए इसे सलाद या नींबू के साथ खाना बेहद फायदेमंद है।




