सरदार पटेल मेरे जीवन की प्रेरणा हैं: मनसुख मांडविया

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वडोदरा, 30 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात में पदयात्रा रविवार को अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। यह पदयात्रा वडोदरा शहर पहुंची और वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सरदार गाथा और ग्राम सभा सहित कई गतिविधियों में उत्साहपूर्ण जनभागीदारी देखी गई। यह पदयात्रा अब सामूहिक रूप से 72 किलोमीटर आगे बढ़ चुकी है और सरदार पटेल के राष्ट्रीय एकता और नागरिक उत्तरदायित्व के संदेश का प्रसार जारी रखे हुए है।

दिन की शुरुआत अरबिंदो आश्रम में योगाभ्यास से हुई, जिसके बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। एक पेड़ मां के नाम थीम पर आयोजित इस पौधारोपण अभियान में व्यापक सामुदायिक भागीदारी देखी गई, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

पांचवें दिन का मार्ग अरबिंदो आश्रम से नवलखी ग्राउंड, खंडेराव मार्केट क्रॉस रोड, कीर्ति स्तंभ, प्रतिमा पुष्पाजलि (एफटीई कॉलेज), वडोदरा शहर का विस्तार, भारतीय विद्या भवन, मकरपुरा बस प्वाइंट, जंबुवा (आइडियल स्कूल), आलमगीर (हनुमान मंदिर), और बाबरिया कॉलेज (केपीजीयू) से होते हुए अंत में त्रिमंदिर, वर्नामा में समाप्त हुआ।

जम्बुवा, आइडियल स्कूल में आयोजित सरदार गाथा का विषय था “सरदार गाथा- आधुनिक भारत के निर्माता।” इस दौरान विशेष रूप से आयोजित प्रदर्शनी, “सरदार और मजदूर संघ-मजदूरों की आवाज,” ने श्रमिक अधिकारों को मजबूत करने, श्रमिक आंदोलनों को एकजुट करने और भारत के आधुनिक प्रशासनिक ढांचे की नींव रखने वाले संगठनात्मक सुधारों को आकार देने में सरदार पटेल की अग्रणी भूमिका को प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और सांसद हेमांग जोशी सहित कई अन्य प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्रव्यापी समारोहों पर अपने विचार साझा किए और इस बात पर जोर दिया कि पदयात्राएं आत्मनिर्भर भारत और एक भारत श्रेष्ठ भारत की प्रेरक भावना को आगे बढ़ा रही हैं और नागरिकों को सरदार पटेल के आत्मनिर्भरता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के संदेश की याद दिला रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरदार पटेल मेरे जीवन की प्रेरणा हैं और जन सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भारत के लौह पुरुष के स्थायी प्रभाव को उजागर किया।

वेंकैया नायडू ने पदयात्रा के आयोजन में सरकार के प्रयासों की सराहना की और इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का उत्थान एकता, सहयोग और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन सहित वैश्विक शक्तियों के बीच आत्मविश्वास से खड़ा है। भारतीय ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए उन्होंने भारत की सांस्कृतिक सद्भावना की भावना को दोहराया और कहा, “अलग भाषा, अलग वेश, फिर भी अपना एक देश।