नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए खतरा बन गया है। वहीं, रविवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के 26 फ्लाइंग स्क्वाड ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में एक केंद्रित निरीक्षण अभियान चलाया। इसकी जानकारी एक आधिकारिक बयान के द्वारा दी गई।
यह निरीक्षण अभियान शनिवार को आयोग की चल रही प्रवर्तन कार्रवाइयों के एक भाग के रूप में चलाया गया, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करना और वैधानिक ढांचे तथा मौजूदा गैप के तहत धूल नियंत्रण उपायों को तीव्र करना है।
सीएक्यूएम के बयान के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य सड़कों पर धूल के जमाव का आकलन करना और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी), और केंद्रीय लोक कल्याण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा कार्यान्वित की जा रही सफाई, झाड़ू लगाने, और धूल कम करने के उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना था।
तीनों एजेंसियों की सड़कों पर कुल 321 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। जियो-टैग्ड, टाइम-स्टैम्प्ड फोटोग्राफिक दस्तावेज एकत्र किए गए और समेकित निरीक्षण रिपोर्ट के भाग के रूप में आयोग को प्रस्तुत किए गए।
अंतिम संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 35 सड़क खंडों पर धूल का उच्च स्तर पाया गया, 61 पर मध्यम, 94 पर कम धूल की तीव्रता दर्ज की गई और 131 हिस्सों में धूल नहीं दिखी।
एमसीडी के अंतर्गत, जहां सबसे अधिक संख्या में सड़कें (182) का निरीक्षण किया गया, 35 हिस्सों में धूल की उच्च तीव्रता देखी गई। वहीं 50 में मध्यम, 70 में कम और 27 हिस्सों में धूल नहीं दिखी।
इसके विपरीत, एनडीएमसी क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन रहा। एनडीएमसी क्षेत्र में 133 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 100 में कोई धूल नहीं दिखी, 24 में धूल कम दर्ज की गई और 9 में मध्यम धूल की तीव्रता दर्ज की गई और कोई भी हिस्सा ज्यादा धूल की तीव्रता वाली कैटेगरी में नहीं आया।
इसी तरह, सीपीडब्ल्यू ने 6 सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान कोई भी सड़क अत्यधिक धूल वाली नहीं पाई गई, दो सड़कों पर मध्यम धूल देखी गई और चार सड़कों पर कोई धूल की तीव्रता नहीं देखी गई।
सीएक्यूएम ने बताया कि दिल्ली में खासकर सर्दियों में, सड़क की धूल पार्टिकुलेट मैटर का एक बड़ा कारण है।
इसने एजेंसियों, खासकर एमसीडी को, ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत कोशिश तेज करने का निर्देश दिया। इसके लिए लगातार मैकेनिकल स्वीपिंग, फुटपाथ का सही रखरखाव, जमा हुई धूल का समय पर निपटान और सभी सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव/धूल कम करने के उपाय सुनिश्चित करना शामिल है। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए लक्षित निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।




