भुवनेश्वर, 30 नवंबर (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजद) सोमवार से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान ओडिशा से जुड़े कई मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने की तैयारी में है।
पार्टी सूत्रों ने रविवार को कहा कि बीजद ओडिशा में हाल ही में हुए नुआपाड़ा उपचुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगा। पार्टी ने राज्य में 2024 के चुनावों के दौरान चुनावी विसंगतियों के बारे में चिंता व्यक्त करने के लिए पहले भी कई बार चुनाव आयोग (ईसीआई) से संपर्क किया है।
चुनाव से जुड़ी चिंताओं के अलावा बीजद ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने की अपनी मांग दोहराएगी।
पार्टी संसद में जिन अन्य मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है, उनमें ओडिशा में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध, राज्य में करोड़ों रुपए का पुलिस भर्ती घोटाला (जिसकी अभी सीबीआई जांच कर रही है) और पोलावरम और महानदी से जुड़े विवाद शामिल हैं।
क्षेत्रीय पार्टी किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को दोगुना करने और कोयले की रॉयल्टी और ग्रीन टैक्स में संशोधन, संबलपुर, कोरापुट और बालासोर में पूर्ण एम्स अस्पतालों की स्थापना,ओडिशा के लिए एसटी सूची से संबंधित 139 लंबित प्रस्तावों के समाधान के अलावा हो, मुंडारी, भूमिज, साओरा और कुई भाषाओं को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने और केंदू पत्ते पर जीएसटी को पूरी तरह वापस लेने के लिए भी दबाव बनाएगी।
बीजद सूत्रों ने कहा कि पार्टी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी का मुद्दा उठाएगी। ये ऐसे मामले हैं जो पूरे देश को प्रभावित करते हैं।
गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा और 19 दिसंबर तक चलेगा।




