मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में एसआईआर की तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ाई गई

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भोपाल/रायपुर, 30 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सात दिनों के विस्तार की घोषणा की है। इसके साथ ही अपडेट मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी, 2026 को होगा। संशोधित कार्यक्रम के तहत बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 11 दिसंबर तक घर-घर जाकर मतगणना पत्रक भरने का काम जारी रखेंगे, जबकि मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

जानकारी के अनुसार अब नागरिक 16 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जबकि दस्तावेज सत्यापन और क्षेत्रीय पूछताछ 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक निर्धारित हैं।

सभी सुधारों के साथ अंतिम मतदाता सूची अब 14 फरवरी को जारी की जाएगी।

एसआईआर की समयावधि राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी ग्रुप्स की शिकायतों के बीच बढ़ाई गई है। उनका कहना था कि एसआईआर की मूल समय-सीमा बहुत कम थी, खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में जहां मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जुटाने और जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने सात दिनों की राहत को बेहद अपर्याप्त बताया है।

रायपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पार्टी पहले ही राज्य चुनाव आयोग और भारत निर्वाचन आयोग, दोनों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे तीन महीने के विस्तार की मांग कर चुकी है। एक सप्ताह का विस्तार दिखावा मात्र है।

उन्होंने कहा कि लाखों युवा मतदाता, खासकर पहली बार मतदाता बनने वाले युवा, साथ ही महिलाएं और दूरदराज के इलाकों के लोग, अभी भी अपने नाम दर्ज कराने या सही कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इतनी जल्दबाजी में कोई सार्थक संशोधन पूरा नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस नेता ने बताया कि मध्य प्रदेश में अन्य विपक्षी दलों और मतदाता जागरूकता समूहों द्वारा भी लंबी संशोधन अवधि की मांग उठाई गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में जल्दबाजी करने का कोई भी प्रयास बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित होने का कारण बनेगा और अगर समय-सीमा में पर्याप्त ढील नहीं दी गई तो वे इस मामले को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के समक्ष उठाएंगे।