भोपाल : 4 दिसंबर/ सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र द्वारा मंगलवार को आंगनवाड़ी क्रमांक 710 और 1146, गोविंदपुरा में विश्व एड्स दिवस, भोपाल गैस त्रासदी दिवस और विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तीनों विषयों से जुड़ी मानसिक समस्याओं, उनकी रोकथाम, पहचान और उपचार की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना था।
केंद्र की निदेशक स्मिता कुमारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि-
1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस,
2–3 दिसम्बर को भोपाल गैस त्रासदी दिवस,
और 3 दिसम्बर को विश्व दिव्यांगता दिवस मनाया जाता है।
ये तीनों घटनाएँ मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं, इसलिए इन पर समाज में खुलकर चर्चा होना आवश्यक है।
मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा
स्मिता कुमारी ने एड्स से बचाव, गैस त्रासदी से प्रभावित लोगों में मानसिक एवं शारीरिक क्षति, दिव्यांगता से बचाव, दिव्यांगता के लक्षणों की शीघ्र पहचान और आवश्यक उपचार पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गर्भवती माताओं और प्रसूति के दौरान मानसिक स्वास्थ्य की विशेष देखरेख के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों या असामान्य विकास वाले बच्चों की शीघ्र पहचान अत्यंत जरूरी है, क्योंकि सही समय पर थेरेपी दी जाए तो बच्चे की क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार संभव है। समाज को ऐसे बच्चों के प्रति समानुभूति और सहायक रवैया अपनाना चाहिए।
समाज की साझी जिम्मेदारी
निदेशक स्मिता कुमारी ने कहा कि दिव्यांगता और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में थेरेपिस्ट, अभिभावक, रिश्तेदार, पड़ोसी, सामाजिक कार्यकर्ता, मीडिया और शासन-प्रशासन—सभी की बराबर की जिम्मेदारी है। आपसी संवाद और अनुभव साझा करने से दिव्यांगजन को मुख्यधारा में जोड़ने का रास्ता आसान होता है।
11वें स्थापना दिवस पर बड़ा निर्णय
स्मिता ने बताया कि दिसंबर माह में सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र का 11वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर निर्णय लिया गया है कि हर महीने कम से कम एक दिन सरकारी संस्थानों के हितग्राहियों को केंद्र द्वारा निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
केंद्र पिछले 11 वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता, शोध, इंटर्नशिप और प्रशिक्षण उपलब्ध कराता आ रहा है।
50 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में 50 से अधिक लोगों ने सहभागिता की। इस दौरान दिव्यांगजन और अवसादग्रस्त महिला की स्क्रीनिंग कर चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक थेरेपी की जानकारी, दिव्यांग प्रमाणपत्र, तथा शासन की सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र की निदेशक स्मिता कुमारी, सुमित कुमार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मधु सोनी, सहायिका मंजू तिवारी, और बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी की इंटर्न कोंपल राखोंडे व अभिनव शर्मा उपस्थित रहे।


