Tuesday, June 23, 2026
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ऑपरेशन ‘सागर बंधु’: श्रीलंका में तबाही के बीच भारतीय सेना की मदद तेज, 1,250 से ज्यादा लोगों का इलाज

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कोलंबो, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह की वजह से हालात काफी बिगड़ गए हैं। तेज बारिश, बाढ़ और कई जगहों पर भूस्खलन ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। सैकड़ों लोगों ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवा दी, कई घर बह गए, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। ऐसे विषम हालात में भारत ने श्रीलंका की मदद करने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। इसके तहत भारतीय एनडीआरएफ, वायुसेना और सेना लगातार राहत और बचाव में जुटी हुई है।

रविवार को इस ऑपरेशन को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय सेना का फील्ड हॉस्पिटल श्रीलंका में लगातार काम कर रहा है। अभी तक यह हॉस्पिटल 1,250 से ज्यादा मरीजों का इलाज कर चुका है। इनमें सामान्य चोटों से लेकर गंभीर हालत वाले लोग भी शामिल हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि डॉक्टरों ने मौके पर ही पांच बड़ी इमरजेंसी सर्जरी भी सफलतापूर्वक की हैं।

राहत पहुंचाने में सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि सड़कें और कनेक्टिविटी भी बहुत जरूरी होती है। बाढ़ से कई जगहों पर पुल बह गए थे, जिससे मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में भारतीय सेना की इंजीनियर टीम ने श्रीलंकाई प्रशासन के साथ मिलकर तीन बेली ब्रिज बनाए हैं। पहले सही जगहों की पहचान की गई और फिर इन पुलों को तैयार कर दिया गया।

श्रीलंका आर्मी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसंथा रोड्रिगो खुद भारतीय फील्ड हॉस्पिटल का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने यहां तैनात मेडिकल टीम से बात की और उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने प्रभावित समुदायों को जरूरी मेडिकल केयर देने में तेजी से मदद और कोशिशों के लिए भारत की सरहाना की।

भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात दित्वाह से श्रीलंका में उत्पन्न भीषण बाढ़, जनहानि और व्यापक तबाही के बाद तत्काल खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत समर्थन के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर ट्वीट कर बताया कि राहत कार्य लगातार जारी है। शनिवार को ऑपरेशन के तहत चौथा सी-17 विमान कोलंबो पहुंचा, जिसमें बेली ब्रिज से जुड़े लगभग 55 टन उपकरण, एक जेसीबी मशीन और इंजीनियर कोर के 13 विशेषज्ञ मौजूद थे।

बेली ब्रिज, पहले से तैयार, हल्का और मजबूत स्टील का पुल होता है, जिसे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जल्दी से जोड़ा और लगाया जा सकता है।