मुंबई, 12 दिसंबर (आईएएनएस)। फिल्म स्टार रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने दावा किया कि ऐसी फिल्मों से विदेश में भारत की छवि खराब होती है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने अभी तक ‘धुरंधर’ फिल्म नहीं देखी है, लेकिन उनका मानना है कि ऐसी फिल्मों से भारत की छवि विदेश में खराब होगी।
कांग्रेस नेता का यह बयान उस वक्त आया है जब भारत में फिल्म को सराहा जा रहा है।
कई खाड़ी देशों में फिल्म ‘धुरंधर’ पर बैन लगने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि बैन करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन देशों को लग रहा होगा कि फिल्म गलत या आपत्तिजनक है, इसलिए इसे बैन करना उनका अधिकार है। अगर हमारे देश के खिलाफ कोई फिल्म आती है, तो हम उसे भी बैन कर देंगे। ऐसे में उनके बैन करने में क्या गलत है? उन्होंने पूर्व में आई कुछ फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म भाजपा की लाइन के अनुसार थी। भाजपा और उनकी नीतियों को खुश करने के लिए यह फिल्में बनाई गईं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने अभी तक ‘धुरंधर’ फिल्म देखी नहीं है। अगर यह धर्म विशेष को टारगेट करने के लिए बनी है, तो ठीक बात नहीं है।
हुसैन दलवई का मानना है कि धर्म विशेष को टारगेट करने वाली फिल्में नहीं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की फिल्में बनाई जाती हैं। लोगों के शिक्षा, रोजगार के मुद्दे पर बात होनी चाहिए।
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिमों को एक-एक लाख रुपए भी दे देंगे, तब भी मुस्लिम समुदाय उन्हें वोट नहीं देगा। दलवई ने कहा कि असम के सीएम बहुत सच्ची बात बोल रहे हैं, मुसलमान मजहब के पक्के हैं। पैसे से कोई हमें खरीद नहीं सकता है। सरमा ने सच्चाई बोली है मैं इसका स्वागत करता हूं। किसी भी मुसलमानों को खरीद नहीं सकते हैं। राजनीति में वोट खरीदना घिनौनी बात है। दूसरी बात मुसलमान खरीदे नहीं जाते हैं।

