बीजिंग, 2 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता चांग श्याओकांग ने हाल ही में ‘जस्टिस मिशन-2025’ अभ्यास को लेकर विदेशों में हो रही चर्चा के संबंध में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
एक पत्रकार ने पूछा कि हाल ही में, चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) के पूर्वी थिएटर कमांड ने ‘जस्टिस मिशन-2025’ अभ्यास आयोजित किया। लाई चिंग-ते ने दावा किया कि इस सैन्य अभ्यास ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अनिश्चितता और जोखिम पैदा कर दिए हैं और अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने अभ्यास पर अनुचित टिप्पणियां कीं। आशा है कि चीन की मुख्य भूमि संयम बरतेगी और थाईवान जलडमरूमध्य में यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का विरोध करेगी। इस पर आपकी क्या राय है?
चांग श्याओकांग ने कहा कि पीएलए के पूर्वी थिएटर कमांड ने सफलतापूर्वक ‘जस्टिस मिशन-2025’ अभ्यास का आयोजन किया, जिसमें सेना की एकीकृत संयुक्त युद्ध क्षमताओं का व्यापक परीक्षण किया गया, और ‘थाईवान स्वतंत्रता’ का मुकाबला करने, एकीकरण को बढ़ावा देने और हस्तक्षेप का मुकाबला करने में अपनी मजबूत क्षमता का पूर्ण प्रदर्शन किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि थाईवान मुद्दे पर सीमा-पार करने और उकसाने के किसी भी दुर्भावनापूर्ण कृत्य का दृढ़ता से मुकाबला किया जाएगा और चीन के एकीकरण में बाधा डालने का कोई भी कुटिल प्रयास सफल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि थाईवान चीन की भूमि का अभिन्न अंग है और थाईवान मुद्दा पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। थाईवान के आसपास पीएलए के अलगाववाद-विरोधी और हस्तक्षेप-विरोधी अभियान पूरी तरह से वैध, आवश्यक और निर्विवाद हैं। थाईवान जलडमरूमध्य की सबसे बड़ी वास्तविकता यह है कि दोनों पक्ष एक चीन के हैं और थाईवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘थाईवान की स्वतंत्रता’ के उद्देश्य से की गई अलगाववादी गतिविधियां और बाहरी ताकतों का समर्थन है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




