भारत बनाम न्यूजीलैंड : तीसरे वनडे मैच में दिलचस्प आंकड़ों पर एक नजर

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इंदौर, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज का तीसरा मुकाबला रविवार को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमों ने अब तक एक-एक मुकाबला जीता है और यह मैच यह तय करेगा कि ट्रॉफी किसके नाम होगी।

इतिहास की बात करें तो न्यूज़ीलैंड के लिए भारत की सरजमीं हमेशा कठिन रही है। अब तक भारत में खेली गई सात द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज में कीवी टीम एक भी नहीं जीत सकी है। कुल मिलाकर भारत में भारत के खिलाफ खेले गए 41 पूरे एकदिवसीय मुकाबलों में से न्यूजीलैंड सिर्फ नौ जीत सका है। ऐसे में यह मैच मेहमान टीम के लिए इतिहास बदलने का दुर्लभ अवसर है।

हालिया आंकड़े हालांकि न्यूज़ीलैंड के आत्मविश्वास को मजबूती देते हैं। मौजूदा विश्व कप चक्र में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बीच के ओवरों में न्यूजीलैंड का बल्लेबाज़ी प्रदर्शन शीर्ष स्तर का रहा है। विकेट गिरने की दर सबसे कम, औसत सबसे बेहतर और डॉट गेंदों का प्रतिशत सबसे कम रहने से साफ है कि भारतीय स्पिन आक्रमण को यहां कड़ी चुनौती मिलेगी।

दूसरी ओर भारत के लिए अंतिम ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले विश्व कप के बाद से अंतिम दस ओवरों में भारत की रन गति और औसत अपेक्षा से कम रहा है, जिससे बड़े स्कोर बनाने और लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव बढ़ा है। हालांकि बीच के ओवरों में मजबूती और टॉप ऑर्डर की आक्रामक शुरुआत टीम को संतुलन देती रही है।

व्यक्तिगत प्रदर्शन भी इस मुकाबले को खास बना रहे हैं। विराट कोहली ने हाल की सीरीज से अपनी बल्लेबाजी की शुरुआत का अंदाज बदला है और शुरुआत से ही रन गति तेज की है। वहीं, शुभमन गिल एक बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड से सिर्फ 70 रन दूर हैं। शुभमन गिल को उन्हें वनडे क्रिकेट में अपने 3000 रन पूरे करने के लिए अगली 6 पारियों में केवल 70 रनों की जरूरत है। अगर वह ऐसा कर लेते हैं, तो वह दुनिया के दूसरे सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।

दिलचस्प बात यह भी है कि रन बनाने की रफ्तार की इस दौड़ में न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वह शुभमन गिल के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा बन सकते हैं। मिचेल ने अब तक 53 पारियों में 2553 रन बना लिए हैं। उनके पास न केवल गिल को पीछे छोड़ने का, बल्कि हाशिम अमला का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का भी एक अच्छा मौका है।

वहीं रविंद्र जडेजा घरेलू मैदान पर बड़ी पारी की तलाश में हैं। रविंद्र जडेजा ने भारत में खेलते हुए वनडे में सिर्फ दो बार 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि उन्होंने आखिरी बार ऐसा 10 साल से भी पहले किया था।