योवेरी मुसेवेनी लगातार सातवीं बार युगांडा के राष्ट्रपति बने, 79 लाख से ज्यादा वोट मिले

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कंपाला, 18 जनवरी (आईएएनएस)। युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने सातवीं बार राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है। चुनाव आयोग ने बताया कि आखिरी नतीजों के अनुसार, लगभग 11.3 मिलियन वैलिड बैलेट में से मुसेवेनी को 7.9 मिलियन से ज्यादा वोट मिले।

इस चुनाव में पॉपस्टार से नेता बने रॉबर्ट कयागुलानी ने मुसेवेनी को टक्कर दी। कयागुलानी को बॉबी वाइन के नाम से भी जाना जाता है।

नतीजों के अनुसार, कयागुलानी को 2.7 मिलियन से ज्यादा वोट मिले। राष्ट्रपति की इस रेस में मुसेवेनी और कयागुलानी के अलावा छह अन्य उम्मीदवार भी शामिल थे।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चुनाव आयोग के प्रमुख साइमन बयाबाकामा ने गुरुवार को हुए चुनावों को शांतिपूर्ण बताया। इसमें कोई बड़ी घटना की खबर सामने नहीं आई। आयोग ने नतीजों को चुनौती देने वालों से कोर्ट की प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ने की अपील की।

नतीजे घोषित होने से कुछ घंटे पहले खबरें सामने आईं कि रॉबर्ट कयागुलानी को वाकिसो जिला के सेंट्रल इलाके के मागेरे में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, इस बात की आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई। बाद में पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि वह अपने घर पर ही थे। इलाके में ऐहतियात के तौर पर अधिकारियों को तैनात किया गया था।

पुलिस प्रवक्ता कितुमा रुसोके ने भी राजनीतिक लोगों से भड़काऊ बयान देने से बचने की अपील की। चुनाव से कुछ दिन पहले, यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स ऑफिस (ओएचसीएचआर) ने कहा था कि चुनाव ऐसे माहौल में हो रहे हैं जिसमें विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और मानवाधिकार के समर्थकों पर दबाव और धमकी का इस्तेमाल हो रहा है, हालांकि सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया।

इस चुनावी जीत के साथ ही मुसेवेनी सत्ता में 40 साल से ज्यादा समय से हैं। देश के 1980 के चुनावों के बाद पांच साल के गुरिल्ला युद्ध के बाद योवेरी मुसेवेनी 1986 में सत्ता में आए थे। 1996 में फिर से आम चुनाव शुरू होने के बाद से उन्होंने लगातार राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है।

वहीं मुसेवेनी के प्रतिद्वंदी की बात करें तो रॉबर्ट कयागुलानी पहले एक मशहूर संगीतकार थे और दो बार मुसेवेनी को चुनौती दे चुके हैं। चुनाव के लिए उन्होंने “प्रोटेस्ट वोट” नारे के साथ अपना कैंपेन चलाया था। उन्हें युवा वोटरों का जबरदस्त समर्थन मिला।