प्राकृतिक तरीके से करें बालों को डिटॉक्स, ये चार स्टेप्स बदल देंगे बालों की रंगत

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नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। बाल झड़ने से लेकर असमय सफेद बाल होने की परेशानी की चर्चा हर कोई करता है, लेकिन ‘हेयर डिटॉक्स’ के बारे में कम ही लोग जानते हैं।

जैसे पूरे शरीर की अंदरूनी तरीके से सफाई के लिए डिटॉक्स करना जरूरी होता है, वैसे ही बालों को डिटॉक्स करना भी बहुत जरूरी होता है। इससे डैंड्रफ और सिर की खुजली और बालों की खोई हुई चमक वापस मिल जाती है।

आयुर्वेदिक तरीके से हेयर डिटॉक्स सिर्फ बालों की ऊपरी देखभाल नहीं है, बल्कि इसके जरिए समस्या की जड़ को खत्म कर स्थायी समाधान देना है। अगर हद से ज्यादा स्कैल्प ऑयली है और सर्दियों में रूसी बढ़ जाती है और बाल झड़ने की समस्या होने लगती है, तो सिर्फ 4 हफ्तों में इन सभी परेशानियों पर काबू पाया जा सकता है। हेयर डिटॉक्स स्कैल्प की गंदगी और तेल को हटाता है और अंदरूनी सफाई करता है, जिससे बालों को नई ऊर्जा मिलती है। अब जानते हैं कि ये करना कैसे है।

पहले हफ्ते बालों का शुद्धिकरण करें। इसके लिए हफ्ते में दो बार नीम और नींबू के तेल से बालों की अच्छी तरीके से मालिश करें। तेल का गुनगुना होना जरूरी है और फिर केमिकल वाले शैम्पू की जगह रीठा-शिकाकाई के पाउडर को भिगोकर एक पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को कुछ समय तक बालों पर लगा रहने दें और फिर धो दें। यह बालों की अंदर से सफाई करता है। यह प्राकृतिक क्लींजर के तौर पर काम करता है।

दूसरे हफ्ते बालों को पोषण दें। इसके लिए हफ्ते में एक बार एलोवेरा जेल और दही मिलाकर बालों पर लगाएं। इससे बालों का रूखापन कम होगा और बाल चमक उठेंगे। इसके साथ ही आहार में भी परिवर्तन लेकर आएं। आहार में तीखा, तला हुआ भोजन और अत्यधिक चीनी खाने से परहेज करें। जितना हो सके, हरी सब्जियों का सेवन करें।

तीसरे हफ्ते बालों की मजबूती पर काम करें। इसके लिए भृंगराज के तेल से बालों की मालिश करें। भृंगराज का तेल तेजी से बाल वापस लाने में मदद करता है और नए बाल उगाने में भी मददगार है। इसके अलावा, मेथी दाना को रात भर भिगोकर पेस्ट बनाकर नारियल तेल के साथ लगाने से भी बाल घने होते हैं।

चौथे हफ्ते रखरखाव पर ध्यान दें। इसके लिए गुड़हल के फूल का कंडीशनर तैयार कर सकते हैं। इसके लिए गुड़हल के फूलों को पानी में उबाल लें और उस पानी से बालों को धोएं। यह बालों के लिए कंडीशनर की तरह काम करेगा।