इन देशों में एक व्यक्ति कितनी बार बन सकता है प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति?

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नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। हाल ही में युगांडा में हुए राष्ट्रपति चुनाव में योवेरी मुसेवेनी ने लगातार सातवीं बार जीत हासिल की। अलग-अलग देशों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बनने की व्यवस्था अलग-अलग है। कोई देश राष्ट्रपति प्रणाली, कोई संसदीय प्रणाली, तो कोई मिश्रित प्रणाली पर काम करता है। आइए जानते हैं कुछ देशों में एक व्यक्ति कितनी बार एक प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है।

अमेरिका की अगर बात करें तो यहां एक व्यक्ति अधिकतम दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति बन सकता है। अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है। यह नियम 22वें संशोधन के बाद लाया गया।

फ्रांस में एक व्यक्ति लगातार अधिकतम दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति बन सकता है। पहले नियम ये था कि एक व्यक्ति अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद कुछ समय के अंतराल के बाद फिर से राष्ट्रपति चुनाव जीतकर पद संभाल सकता था। अंतराल वाली स्थिति में भी अधिकतम दो बार ही राष्ट्रपति बनने के नियम थे। हालांकि, बाद में इसमें 2008 में नियम में एक संशोधन किया गया कि कोई व्यक्ति लगातार दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। फ्रांस में पहले राष्ट्रपति का कार्यकाल 8 साल का होता था। बाद में 2008 में बदलाव करते हुए इसे घटाकर पांच साल के लिए कर दिया गया।

रूस में पहले राष्ट्रपति का कार्यकाल छह वर्षों का होता था, लेकिन बाद में 2008 में इसे बदलकर आठ साल कर दिया गया था। इसके अलावा, पहले एक व्यक्ति राष्ट्रपति लगातार दो बार राष्ट्रपति बन सकता था। 2020 में रूस के संविधान में कई बड़े बदलाव किए गए। रूस के संविधान में टर्म रीसेट का प्रावधान जोड़ा गया।

इसके तहत 2020 से पहले के जो भी राष्ट्रपति हैं, उनके कार्यकाल गिने नहीं जाएंगे और संशोधन के समय जो प्रेसिडेंट हैं, उन्हें दो नए कार्यकाल की अनुमति होगी। 2020 के इस संशोधन के तहत रूसी राष्ट्रपति पुतिन 2036 तक सत्ता में बने रहेंगे।

चीन में राष्ट्रपति चुने जाने और कार्यकाल की कोई तय सीमा नहीं है। चीन में 2018 में राष्ट्रपति के पद से टर्म की लिमिट हटाई गई थी।

ईरान में एक व्यक्ति लगातार दो बार राष्ट्रपति का पद संभाल सकता है, जिसमें एक कार्यकाल की अवधि चार साल की होती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में कार्यकाल की कोई सीमा नहीं होती।

ब्राजील में एक व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति बन सकता है। यहां राष्ट्रपति का एक कार्यकाल चार सालों का होता है।

वहीं प्रधानमंत्री की व्यवस्था में भारत में एक व्यक्ति कितनी भी बार पीएम बन सकता है, जब तक लोकसभा में बहुमत का समर्थन बना रहेगा और तय उम्र 25 साल से अधिक हो। यहां पीएम का एक कार्यकाल 5 साल का होता है।

ब्रिटेन में भी एक व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने की कोई सीमा नहीं है। बस पार्टी और संसद का समर्थन जरूरी है। यूके में पीएम का कार्यकाल नहीं होता है, लेकिन यहां एक सरकार पांच साल के लिए चुनी जाती है।

कनाडा में भी एक व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने की कोई तय सीमा नहीं है। न ही कार्यकाल तय होता है, हालांकि हाउस ऑफ कॉमन्स का कार्यकाल अधिकतम पांच साल का होता है, लेकिन हर चार साल में चुनाव कराए जाते हैं।

पाकिस्तान में राष्ट्रपति एक औपचारिक पद है और इसके लिए कोई सख्त सीमा नहीं है। यहां एक व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने की कोई तय सीमा नहीं है।

जर्मनी में चांसलर (प्रधानमंत्री के समान) की कोई टर्म लिमिट नहीं है। एंजेला मर्केल 16 साल तक जर्मनी की चांसलर रहीं।

इजरायल में प्रधानमंत्री की कोई संवैधानिक सीमा नहीं है। पहले दो टर्म लिमिट थी, लेकिन बाद में हटा दी गई।