Tuesday, July 7, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान हिंसा, सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग...

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान हिंसा, सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से की हस्तक्षेप की मांग

0
22

कोलकाता, 22 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। एक तरफ जहां चुनाव आयोग की देखरेख में यह प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें चुनावी प्रक्रियाओं और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है। उनके मुताबिक, उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार ब्लॉक स्थित इटाहार हाई स्कूल में एसआईआर की सुनवाई के दौरान हालात बेकाबू हो गए।

उन्होंने बताया कि सुनवाई के समय बदमाशों की एक हिंसक भीड़ वहां पहुंची और जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पूरी प्रक्रिया को बाधित कर दिया गया।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सबसे चौंकाने वाली और शर्मनाक बात यह रही कि दिनदहाड़े एक महिला एईआरओ पर बेरहमी से हमला किया गया। उनका कहना है कि यह घटना साफतौर पर दिखाती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था कितनी खराब हालत में पहुंच चुकी है।

सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बने रहे और गुंडों को बिना किसी रोक-टोक के उत्पात मचाने दिया गया। उनके मुताबिक, अगर चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मतदाता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।

सुवेंदु अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग से इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्य निभाने में विफल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।