Friday, July 3, 2026
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देशभर में बदल रही जनसांख्यिकी स्थिति चिंताजनक: सुरेश उपाध्याय

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जयपुर, 22 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने देशभर में जनसांख्यिकी में हो रहे फेरबदल पर चिंता जताई।

सुरेश उपाध्याय ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राजस्थान सरकार ने बुधवार को इस संबंध में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई, जिसमें डेमोग्राफी चेंज को लेकर विस्तारपूर्वक और उससे जुड़े हर पहलू पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि बैठक में कहा गया है कि कैसे पहले सुनियोजित तरीके से विशेष समुदाय के लोग आते हैं और मकान खरीदते हैं। इसके बाद वो अप्रिय गतिविधियों के लिए कुख्यात हो जाते हैं। इसके बाद वहां रह रहे हिंदू समुदाय के लोग भय के माहौल में जीने को बाध्य हो जाते हैं। इसके बाद किसी योजनाबद्ध तरीके से वो मोहल्ला मुस्लिम मोहल्ले में तब्दील हो जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे अशांति बढ़ती है। इसी तरह से पूरी प्रक्रिया के तहत इलाके में दंगे की रूपरेखा तैयार कर उसे धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया जाता है, लेकिन अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की समस्या सिर्फ राजधानी जयपुर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पूरे देशभर में फैल गई है। बहुत ही तेजी से मुस्लिम समुदाय के लोग आकर यहां पर हिंदुओं से मकान खरीद रहे हैं। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि हिंदू समुदाय के लोग औने-पौने दाम में अपना मकान बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इन सभी मोहल्लों में अवैध तरीके से उन मकानों में मस्जिद बन गई, जो पहले किसी व्यक्ति के नाम पर खरीदी गई थी।

उन्होंने कहा कि अब मस्जिद बनने से हिंदू समुदाय के लोगों को अपनी परंपराओं का निर्वहन करने में विभिन्न प्रकार की परेशानी हो रही है। अब हिंदू समुदाय के लोगों में प्रतिदिन किसी ना किसी त्योहार का आयोजन किया जाता है। ऐसी स्थिति में दोनों समुदाय के बीच मतभेद की स्थिति पैदा हो चुकी है। इन बस्तियों में लव जिहाद के 100 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 30-40 मामले तो मेरे सामने प्रकाश में आए हैं। ऐसी स्थिति में दोनों समुदाय के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब हमें ऐसे नियम बनाने होंगे जिससे दोनों समुदायों के बीच शांति की स्थापना हो सके। साथ ही, मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों से भी अपील करना चाहूंगा कि वे खुद को बदलने की कोशिश करें। यहां की भारतीय संस्कृति में ढलने की कोशिश करें। आप अपनी उपासना पद्धति को अपना सकते हैं। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आप अपने नियम दूसरों पर थोपने की कोशिश नहीं करें।