चंडीगढ़, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एसआईआर के मुद्दे पर सिर्फ गुमराह करने की कोशिश की थी। बिहार में एसआईआर के जरिए किसी का वोट नहीं कटा। कांग्रेस वोट चोरी की वजह से नहीं, बल्कि अपनी कमजोरियों की वजह से हारी। पूर्व कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद देश में सियासत तेज हो गई है।
चंडीगढ़ से कांग्रेस नेता पवन बंसल ने पूर्व कांग्रेसी नेता के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एसआईआर को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की थी।
पवन बंसल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मैं शकील अहमद के बयानों से सहमत नहीं हूं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने एसआईआर के इस मुद्दे पर कितना गहन अध्ययन किया है। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने एक बहुत ही विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने पूरी तरह से सब कुछ समझाया—काफी रिसर्च के बाद कि कैसे और कहां वोट काटे गए, लोगों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा, और क्यों कई लोग प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने दम के साथ पूरे देश में पदयात्रा की और जिस तरह से उन्होंने बात की, वह प्रभावशाली थी। उन्होंने शकील अहमद का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में रहते हैं तो आपकी भाषा ठीक रहती है, लेकिन पार्टी में नहीं रहने पर ऐसी बातें करना ठीक नहीं है।
कांग्रेस नेता ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर कहा कि पहले के चुनावों में यह तय होता था कि हमें किसके साथ चुनाव लड़ना है और भाजपा को निगम का चुनाव नहीं जीतने देना है। मैं इस बात पर जोर देता हूं कि हर साल चुनाव नहीं होने चाहिए। बार-बार लगातार चुनाव होने से लोकतंत्र कमजोर होता है और लोगों को भी परेशानी होती है। मुझे लगता है कि मेयर का टर्म पांच साल का होना चाहिए। पिछले पांच साल में मैंने देखा है कि चंडीगढ़ में लोकतंत्र नगर निगम के लिहाज से सशक्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि 30 साल से चुनाव हो रहे हैं, अब चुनाव को पांच साल के लिए तय कर देना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था हमें अंदर से खोखला कर रही है। 29 जनवरी को परिणाम आएंगे तो सभी के सामने पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

