Tuesday, July 14, 2026
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मासिक दुर्गाष्टमी : भगवती की उपासना का विशेष दिन, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

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नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में हर शुभ कार्य से पहले पंचांग देखना बहुत जरूरी माना जाता है। 26 जनवरी को माघ माह, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो बेहद महत्वपूर्ण है। यह दिन मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में मनाया जाता है और साथ ही गुप्त नवरात्रि का आठवां दिन भी है।

मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है। इस दिन भक्तजन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और पूरे दिन व्रत रखते हैं। मां भगवती की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन बहुत खास माना जाता है। दुर्गाष्टमी को दुर्गा अष्टमी या मास दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है।

दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा में लाल फूल, सिंदूर, अक्षत, धूप-दीप और मिठाई का भोग लगाया जाता है। कई भक्त कन्या पूजन या हवन भी करते हैं। इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सोमवार को गुप्त नवरात्रि का आठवां दिन है, जो विजय की देवी मां पीतांबरा को समर्पित है।

दृक पंचांग के अनुसार, 26 सोमवार को अष्टमी तिथि शाम 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। अश्विनी नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक है, उसके बाद भरणी शुरू होगा। चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे। वहीं, सूर्योदय 7 बजकर 12 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट पर और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से 3 बजकर 4 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 53 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक है।

अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है, खासकर शुभ कार्यों के लिए। पंचांग के अनुसार, राहुकाल सुबह 8 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 53 मिनट तक है। इस दौरान कोई नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। यमगंड सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट है।