भाजपा के पास कोई काम नहीं, देश में फैला रही नफरत: पप्पू यादव

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नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। नए यूजीसी कानून को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये सरकार केवल देश में नफरत फैलाने का काम कर रही है, इसके अलावा इनके पास कोई काम नहीं है।

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हम लोगों को इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। इस सरकार से क्या उम्मीद करेंगे? नफरत, समाज को बांटना, तोड़ना, इकोनॉमी पर चर्चा नहीं होनी है। हम तो उम्मीद करेंगे कि जो पचास प्रतिशत टैरिफ लगा है, उस पर सरकार जवाब दे।”

उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए यूजीसी के मुद्दों पर, ताकि सामाजिक सद्भाव बना रहे। यूजीसी किसी की प्रताड़ना के लिए नहीं बनी है। यूजीसी का काम सामाजिक समरसता और चेक एंड बैलेंस करना है। संविधान, कानून और हमारी सामाजिक संस्कृति का बैलेंस न बिगड़े, इस पर समाज एक रहे और सब लोग एक हों। इसमें कोई ईबीसी, ओबीसी, एसटी, एससी, फॉरवर्ड, बैकवर्ड या जनरल नहीं है। प्रताड़ना तो कुछ है नहीं।

धर्मेन्द्र प्रधान पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा, “मैं तो वही कह रहा हूं। कतई किसी कीमत पर अत्याचार नहीं होगा। आज तक कब कोई शिकार, कोई कानून अत्याचार करता है? इस कानून का दुरुपयोग होना भी नहीं चाहिए। ईबीसी, ओबीसी, एसटी, एससी भी तो हिंदू ही हैं।”

उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा सरकार काम कर रही है, वह सही नहीं है। भाजपा को यूजीसी कानून वापस करना चाहिए, जिससे देश में शांति बनी रहे। यूजीसी के नए दिशानिर्देशों में यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में एससी, एसटी और ओसीबी समुदाय से आने वाले छात्रों के साथ उनकी जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं हो सके। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में छात्रों के इतर वहां काम करने वाले गैरशिक्षण कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के साथ भी किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हो।