अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर, एकनाथ शिंदे बोले- राज्य के लिए काला दिन

0
9

महाराष्ट्र, 28 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की मौत के बाद राजनीति गलियारों में शोक की लहर है। महाराष्ट्र के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और यह सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच होनी चाहिए कि ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों। जांच जरूर होगी। जैसा कि मैंने बताया, जब मैं मुख्यमंत्री था, तो हमने समाज के हित में कई फैसले लिए थे और उस समय अजित पवार वित्त मंत्री थे। उन्होंने उन फैसलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए एक दुखद दिन है। यह मेरे और पूरे महाराष्ट्र के लिए एक दर्दनाक घटना है। अजित दादा अपनी बात के पक्के थे। जब मैं सीएम था और वह डिप्टी सीएम थे, तो हमने एक टीम के तौर पर काम किया था। टीम के तौर पर हमने लाडली बहन योजना शुरू की थी, और अजित दादा ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी।

शिवसेना नेता शायना एनसी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “अजित पवार, उनके परिवार, उनके साथियों और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति गहरी संवेदना। कभी-कभी ऐसे नुकसान को जाहिर करने के लिए सही शब्द मिलना मुश्किल होता है। उन्होंने 50 साल के राजनीतिक करियर में लगातार प्रशासन और शासन में काम किया, वित्त मंत्री, सिंचाई मंत्री या उपमुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया, जो कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।”

उन्होंने कहा कि विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का दुखद निधन हुआ है। उनके परिवार के साथ इस वक्त जो दुखद समय है, हम उनके साथ में हैं। महाराष्ट्र के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उनकी बड़ी मजबूत पकड़ थी, जिससे सिर्फ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को नहीं, महाराष्ट्र को बड़ा नुकसान हुआ है। अजित पवार काफी लंबे समय तक आपकी सरकार में रहकर भी जो है, उन्होंने मिलकर काम किया।

शायना एनसी ने कहा कि अजित पवार के साथ हमने काफी लंबे समय तक काम किया। अजित पवार की एक सबसे अच्छी बात थी कि वे कभी भेदभाव नहीं करते थे। उन्होंने कभी किसी पार्टी के साथ भेदभाव नहीं किया। वे साथ में काम करते थे, खासकर जब कोई छोटा सा छोटा कार्यकर्ता उनके पास जाता था, किसी भी पार्टी का, तो वे उनका काम करते थे। ये उनका बहुत ही बड़ा व्यक्तित्व था। वे सभी को साथ में लेकर चलने वाले आदमी थे और कभी भी कोई व्यक्ति या कार्यकर्ता उनके पास जाता था तो वे खुद सामने से उसका काम करके देते थे। महाराष्ट्र को उनके देहांत से एक बहुत बड़ा झटका पहुंचा है।

केंद्रीय मंत्री रामदास बंदू अठावले ने कहा, “अजित पवार बहुत वरिष्ठ और एक्टिव नेता थे। वह विकास कार्यों से जुड़े हुए थे। अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे, तभी प्लेन क्रैश हुआ। यह हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है, महाराष्ट्र ने एक बहुत एक्टिव नेता खो दिया है।”

भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “जहां तक ​​सुरक्षा की बात है, उन सभी बातों का ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद ऐसा क्यों हुआ, यह जांच से पता चलेगा। और यह बंगाल नहीं है, जहां सिर्फ जांच के नाम पर जांच होती है और बाद में कोई रिपोर्ट नहीं आती।”

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, “महाराष्ट्र अजित पवार को एक विकास-उन्मुख नेता के तौर पर याद रखेगा, खासकर ग्रामीण इलाकों में उद्योग लाने और किसानों को उनमें शामिल करने की उनकी कोशिशों के लिए। उनके अचानक चले जाने से निश्चित रूप से राज्य को झटका लगेगा, जो तेजी से तरक्की कर रहा था।”

एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटील ने कहा, “मुझे अजित दादा के निधन की दुखद खबर मिली है, और मेरा दिल इसे मान नहीं पा रहा है। यह यकीन करना मुश्किल है कि उनका इतनी अचानक निधन हो गया। उनके जैसा नेता शायद फिर कभी नहीं आएगा।”