शासन ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के कई अधिकारियों के किए तबादले, देर रात जारी हुए आदेश

0
5

नोएडा, 28 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश शासन ने एक अहम प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और यूपीसीडा में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इन तबादलों को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज है।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई युवराज हादसे से जुड़े मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट पर संभावित कार्रवाई से पहले की गई है, जिससे इन तबादलों को उसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।

शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण में तैनात रूप वशिष्ठ को नोएडा से स्थानांतरित कर यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक (सिविल) के पद पर भेजा गया है। इसके साथ ही यमुना प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) के पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार का तबादला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) के पद पर किया गया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) के रूप में कार्यरत चेतराम को यूपीसीडा में वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) के पद पर तैनात किया गया है। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक राकेश कुमार को भी यूपीसीडा भेजा गया है। वहीं, यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर कार्यरत यशपाल सिंह को नोएडा प्राधिकरण में नई तैनाती दी गई है।

इसके अतिरिक्त ग्रेटर नोएडा से संबद्ध यूपीसीडा में उपमहाप्रबंधक के पद पर कार्यरत सलिल यादव को यूपीसीडा में ही उपमहाप्रबंधक (प्रबंधक) के पद पर बनाए रखा गया है। वहीं, यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर कार्यरत जितेंद्र कुमार यादव को नोएडा प्राधिकरण में तैनात किया गया है।

देर रात हुई इस तबादला प्रक्रिया के बाद शासन ने सभी संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करते हुए नए स्थान पर रिलीव किया जाए। आदेश मिलते ही प्राधिकरणों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गईं और संबंधित अधिकारियों को रिलीव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

सूत्रों की मानें तो शासन स्तर पर यह तबादले प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं। वहीं, इन तबादलों को युवराज हादसे की जांच और उससे जुड़ी संभावित कार्रवाई से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी प्रशासनिक निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।