गयाजी, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भूमि से जुड़े मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं, अनावश्यक देरी और आमजन की परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा शुरू किए गए गया भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का अब असर दिखने लगा है। डिप्टी सीएम सिन्हा बुधवार को गया जिले के बोधगया में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि विभाग में अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार एवं जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में ऐसे आयोजन अंचल स्तर पर शुरू किए जाएंगे। इस कार्यक्रम से न केवल वास्तविक फीडबैक मिल रहा है, बल्कि समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा भी तय हो रही है।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले फौजियों और समाज की सेवा करने वाले पुलिस के जवानों के कामों को प्राथमिकता के आधार पर बिना समय सीमा के निपटारा करें। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से बताया कि विभाग की सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को परिमार्जन प्लस के मामलों में स्पष्ट समय सीमा तय की गई। नाम, पिता का नाम, रकबा जैसी लिपिकीय त्रुटियों में सुधार को 15 कार्य दिवस, खाता, खेसरा, लगान व तकनीकी त्रुटियों में सुधार 35 कार्य दिवस तथा विशेष और जटिल मामले अधिकतम 75 कार्य दिवस में समाधान की व्यवस्था की गई है।
सिन्हा ने कहा कि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस दौरान मसौढ़ी और अररिया में रिश्वतखोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर कर्मचारियों को बर्खास्त और निलंबित किया गया।
पुराने दस्तावेजों को लेकर उन्होंने कहा कि कैथी लिपि में पुराने दस्तावेजों की समस्या के समाधान के लिए 31 विशेषज्ञों का पैनल बनाया गया है, जो तय दर पर अनुवाद करेंगे। इससे आम लोगों की बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। अब हर शनिवार थाने की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा, जिसमें थाना प्रभारी स्वयं मौजूद रहेंगे। इस संवाद कार्यक्रम में विभाग और जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और तत्काल लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया।

