अहमदाबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी में सांसद शशि थरूर के अपमान को लेकर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने वाले शशि थरूर की एकमात्र ‘गलती’ यह थी कि उन्होंने विदेश जाकर भारत के आधिकारिक रुख को मजबूती से रखा।
कांग्रेस सरकार का विरोध करते हुए देश का विरोध करने लगी है।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर आपसी नफरत अब खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने वाले शशि थरूर की एकमात्र ‘गलती’ यह थी कि उन्होंने विदेश जाकर भारत के आधिकारिक रुख को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि थरूर ने दुनिया के नेताओं के सामने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर बात की, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने उनका सम्मान नहीं किया।
भाजपा नेता ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मंच पर मौजूद रहने के बावजूद राहुल गांधी द्वारा शशि थरूर का अभिवादन स्वीकार न करना उनका अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वैश्विक मंच पर देश के पक्ष में बोलना कोई अपराध है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को समझने की जरूरत है, जो देश की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहती है और ऑपरेशन सिंदूर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कदमों का भी विरोध करती है। उनके मुताबिक, सरकार का विरोध करते-करते कांग्रेस पार्टी इतनी आगे निकल गई है कि कई बार उसका रुख देश विरोधी नजर आने लगता है और इसी क्रम में वह अपने ही बड़े नेता और प्रभावशाली वक्ता शशि थरूर का भी अपमान करने से नहीं चूकती।
रोहन गुप्ता ने यह भी दावा किया कि जनता भली-भांति जानती है कि जो नेता देश के साथ खड़े होते हैं, कांग्रेस पार्टी उन्हें अपना दुश्मन बना लेती है और धीरे-धीरे पार्टी से दूर कर देती है। उन्होंने कहा कि शशि थरूर के साथ हो रहा व्यवहार इसी मानसिकता का उदाहरण है, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और असहिष्णुता उजागर होती है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी अच्छी तरह जानती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति, बड़े पैमाने पर फैला भ्रष्टाचार, हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति जैसे सवालों पर उसके पास कोई ठोस जवाब नहीं है। रोहन गुप्ता के अनुसार, इन्हीं मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए टीएमसी अब एसआईआर का विरोध करने को मजबूर हो रही है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद टीएमसी जैसी बड़ी पार्टी यदि इसका विरोध कर रही है तो उसे यह बताना चाहिए कि उसने आधिकारिक तौर पर कितनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। रोहन गुप्ता ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 10 से ज्यादा शिकायतें दर्ज नहीं हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर विषय का राजनीतिक विरोध नहीं किया जा सकता, क्योंकि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। अंत में उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता सब कुछ समझती है और सही समय पर इसका जवाब भी देगी।

