मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आ रहा बदलाव: सीएम मोहन यादव

0
7

भोपाल, 28 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूल बदल रहे हैं। सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम बेहतर आ रहे हैं और शाला में बच्चों के प्रवेश में रिकॉर्ड बन रहा है। यह सब शिक्षकों के प्रयासों से हो रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि युग बदले, सदियां बदली पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे।

सीएम ने मध्य प्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुआ है। बच्चों के प्रवेश और शाला नामांकन दर में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्रॉप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है।

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्य प्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एआई, कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे।

कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सीएम ने सेवानिवृत्त व्याख्याता कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास और किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी।

मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।

सीएम ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्यमान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों और समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं।

उन्होंने कहा कि हर काल में मध्य प्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्य प्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।

इस कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर, मप्र शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर सहित राज्यभर से आए शिक्षक मौजूद रहे।