कोलकाता, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले स्थित औद्योगिक शहर दुर्गापुर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने घुसपैठियों, भ्रष्टाचार और जंगलराज को लेकर ममता सरकार पर तीखा हमला किया।
नितिन नवीन ने प्रदेश के नौकरशाहों, विशेषकर जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) और उप-विभागीय अधिकारियों से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के आदेशों का आंख बंद कर पालन न करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “मैं डीएम और एसडीपी से कह रहा हूं। तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा सरकार के दिन गिने-चुने हैं। सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारों पर मत नाचिए। उनके हाथों की कठपुतली मत बनिए। आप प्रशासनिक कर्मचारी हैं, इसलिए जनता के साथ खड़े रहिए। मैं राज्य की मुख्यमंत्री से कह रहा हूं कि सावधान रहें। पश्चिम बंगाल की जनता ने उलटी गिनती शुरू कर दी है। वह दिन दूर नहीं जब भाजपा को पश्चिम बंगाल को प्रगति की ओर ले जाने की जिम्मेदारी मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर चिंता इसलिए है क्योंकि चुनाव आयोग (ईसीआई) इस संशोधन के माध्यम से मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाने की कोशिश कर रहा है। नवीन ने कहा, “याद रखिए, बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों को इस धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
तृणमूल कांग्रेस के नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के सदस्यों पर बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटालों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर इस बार भाजपा राज्य में सत्ता में आती है, तो भ्रष्टाचार के इन सभी दोषियों को सजा दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “सत्ता में आने के बाद हमने कई राज्यों में जंगलराज का खात्मा किया है, इसलिए हम पश्चिम बंगाल में भी इसे खत्म करेंगे। मैं पश्चिम बंगाल के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से अंतिम चरण के लिए तैयार रहने की अपील करता हूं। पूरा भाजपा परिवार आपके साथ है।
नितिन नवीन ने पिछले साल दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज की दलित छात्रा के साथ हुए बलात्कार के बाद महिलाओं को रात 8 बजे के बाद घर पर रहने की सलाह देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि राज्य में दुष्कर्म और हत्याएं कैसे हुईं, और उसके बाद यहां की राज्य सरकार ने अपराधियों को बचाने की कोशिश की। मैंने दुष्कर्म के बारे में की गई सभी टिप्पणियां देखी हैं। मैं इस मानसिकता का विरोध करता हूं। मैं मुख्यमंत्री की टिप्पणी की कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाएं शाम को बाहर क्यों निकलेंगी। बंगाली महिलाएं आधुनिक हैं। वे ही बंगाली संस्कृति को आगे बढ़ा रही हैं। क्या उनसे घर पर रहने के लिए कहा जा रहा है?”

