कोलकाता, 29 जनवरी (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को सीमा भूमि बीएसएफ को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य लगातार सुरक्षा से समझौता कर रहा है।
मजूमदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह हाईकोर्ट की तरफ से पश्चिम बंगाल सरकार के मुंह पर एक और तमाचा है, क्योंकि राज्य लगातार देश की सुरक्षा से समझौता कर रहा था। हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, जिसने पश्चिम बंगाल सरकार को जमीन छोड़ने का निर्देश दिया है, क्योंकि यह आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है। अपनी पार्टी और पश्चिम बंगाल के नागरिकों की ओर से मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं।”
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार इतनी आसानी से जमीन नहीं देने वाली है। जमीन देने से पहले वह बांग्लादेश से बात करेगी, क्योंकि अब पश्चिम बंगाल में वही हो रहा है जो बांग्लादेश से आदेश आता है। अब देखना है कब तक बंगाल सरकार जमीन उपलब्ध कराती है और इसमें कितना समय लेती है।
एसआईआर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, “एसआईआर से जुड़े विरोध का मकसद अलग है। ममता बनर्जी एसआईआर को पटरी से उतारना चाहती हैं और साथ ही बजट भी आ रहा है। इस बजट का कोई भी संदेश, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति दिखाता है, वह दब सकता है। ममता बनर्जी वहां जो नाटक करने की योजना बना रही हैं, वह बजट के सकारात्मक पहलुओं को दबाने की कोशिश है। यह उनकी तरफ से एक सोची-समझी योजना है।”
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, “अगर आप देखना चाहते हैं कि भारत के राजनीतिक इतिहास में कोई कितना नीचे गिर सकता है तो ममता बनर्जी ने कल जो बयान दिया, वह एक ऐसा उदाहरण होगा जिसे भारत के राजनीतिक इतिहास में याद रखा जाएगा।”
आरजी कर रेप और हत्या के केस के पीड़िते माता-पिता के इस दावे पर कि उन्हें राजनीति में आने या चुनाव लड़ने का ऑफर दिया गया, इस पर सुकांत मजूमदार ने कहा कि जिस परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया है, उनसे यह कहना कि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए पैसे मिलेंगे, यह बहुत ही घटिया हरकत है।”

