ममता सरकार पहले ही दे चुकी बीएसएफ को जमीन, इस पर राजनीति सही नहीं: कुणाल घोष

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कोलकाता, 29 जनवरी (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को सीमा भूमि बीएसएफ को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इस पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बीएसएफ को पहले ही जमीन दे दी है।

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हाईकोर्ट का जो आदेश है, उसके ऊपर कोई कमेंट नहीं करूंगा। जो भूमि पहले से ही राज्य सरकार हैंडओवर कर चुकी है, तो वहां पर सब जगह तो बीएसएफ है। ऐसा कोई रिपोर्ट भी नहीं है। बीएसएफ ने बॉर्डर लाइन से पचास किलोमीटर तक का एरिया क्षेत्राधिकार में कर लिया है।”

उन्होंने कहा कि जब बीएसएफ के क्षेत्राधिकार में है तो कैसे लोग बॉर्डर पार करके इस तरफ आ जाते हैं। इसमें राज्य पुलिस की बात नहीं, यह तो बीएसएफ की बात है। हाईकोर्ट के ऑर्डर के ऊपर मैं कुछ कमेंट नहीं कर सकता, लेकिन बीएसएफ कन्फ्यूज कर रहा है। हम लोग पहले ही बीएसएफ को जमीन दे चुके हैं। केवल राजनीति के लिए ये सब किया जा रहा है, जो देश के लिए सही नहीं है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत वरिष्ठ नेता लगातार बंगाल आ रहे हैं। जब चुनाव होता है तो ये लोग आते हैं, इसके बाद गायब हो जाते हैं। इनका कोई पता भी नहीं चलता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे, वो टेलीप्रॉम्प्टर में लिखा पढ़ेंगे फिर चले जाएंगे। उसका कोई इंपैक्ट यहां पर नहीं है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर पर कुछ लोग जानकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे कुछ होने वाला नहीं है। जनता जान रही है कि पश्चिम बंगाल का विकास कौन करने वाला है, इसीलिए जनता भाजपा पर विश्वास नहीं करने वाली है।

आरजी कर रेप और हत्या केस के पीड़ित के माता-पिता के इस दावे पर कि उन्हें राजनीति में आने या चुनाव लड़ने के लिए ऑफर किए गए थे, इस पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि उनसे जानकर कुछ लोग झूठ बुलवा रहे हैं, ऐसा कुछ नहीं है। हमारी पार्टी ने उनसे अभी संपर्क नहीं किया है।