बारामती, 29 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच तेज कर दी है।
शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि विमान हादसे के पीछे बारामती हवाई पट्टी पर कम विजिबिलिटी और उन्नत नेविगेशन उपकरणों की कमी संभावित कारण हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में दो पायलट, एक निजी सुरक्षा अधिकारी, और एक फ्लाइट अटेंडेंट समेत चार अन्य लोगों की भी जान चली गई।
अजित पवार अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उन्होंने दशकों तक महाराष्ट्र के सहकारिता और विकास के परिदृश्य को परिभाषित करने वाली एक राजनीतिक विरासत छोड़ी है।
बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस त्रासदी की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तीन सदस्यीय टीम विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के साथ बुधवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची। एएआईबी के महानिदेशक ने भी व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का दौरा कर लियरजेट 45 विमान के मलबे का निरीक्षण किया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्लेषक अब डेटा की जांच करके उड़ान के अंतिम क्षणों का पुनर्निर्माण करेंगे और दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि जांच फिलहाल घटना के समय दृश्यता की स्थिति, उड़ान के दौरान पायलट के निर्णय, बारामती हवाई पट्टी पर परिचालन संबंधी सीमाओं और अनियंत्रित रनवे जैसे कारणों पर केंद्रित है, क्योंकि विमान कथित तौर पर दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बुधवार शाम को पहुंची एएआईबी विशेषज्ञ टीम ने फोरेंसिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने सबूत जुटाने के लिए मलबे को अपने कब्जे में ले लिया है। जांचकर्ताओं ने एयरलाइन से कुछ रिकॉर्ड मांगे हैं, जिनमें एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक, रखरखाव और निरीक्षण हिस्ट्री संबंधित विमान दस्तावेज और चालक दल की योग्यता और प्रमाण पत्र शामिल हैं।

