देहरादून, 29 जनवरी (आईएएनएस)। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले रील और व्लॉग्स बनाने वालों को सख्त संदेश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा की तैयारियों के बारे में भी पूरी जानकारी दी।
उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चार धाम यात्रा हमारे लिए आस्था का केंद्र है। लेकिन, पिछले कुछ समय से जिस तरह से यहां पर आकर लोग रील और वीडियो बनाकर अपना मनोरंजन कर रहे हैं, उसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह स्थिति पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा हमारे लिए आस्था का केंद्र बिंदु है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन, जिस तरह से लोग वीडियो और व्लॉग्स का सहारा लेकर इसे मनोरंजन का केंद्र बिंदु बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उसे देखते हुए बीते दिनों सरकार ने बैठक भी की थी। इस बैठक में इस तरह की गतिविधियों पर विराम लगाने के लिए पूरी रूपरेखा निर्धारित की जा चुकी है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारने के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा।
बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बड़ी संख्या व्लॉगर्स धार्मिक क्षेत्र में दाखिल होते हैं और व्लॉग बनाते हैं। इस वजह से तीर्थयात्रियों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। दुर्भाग्य की बात है कि इस तरह की स्थिति ना सिर्फ चार धाम यात्रा, बल्कि देशभर के अन्य धार्मिक स्थलों में भी देखने को मिलती है। इसी को देखते हुए बैठक अहम हो जाती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में सामान्य तीर्थयात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने चार धाम यात्रा की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के संबंध में सरकार की बैठक हो चुकी है, जिसमें यात्रा का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा चुका है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इन तैयारियों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आप लोगों को पता है कि भगवान बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को सुबह छह बजे खुलेंगे। इसके अलावा, बाबा केदार के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन तय होगी। अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। हमारी कोशिश है कि देश-दुनिया से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सरल और सुलभ दर्शन कराएं। उसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इन तैयारियों को जीवंत करने के लिए सभी नोडल एजेंसियां और राज्य सरकार मिलकर काम करती हैं। सभी लोगों का काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि हमने मांग की है कि केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती चार धाम यात्रा के दौरान की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो।

