मुंबई, 31 जनवरी (आईएएनएस)। मुंबई की 55वीं सेशंस कोर्ट ने चर्चित जाह्नवी कुकरेजा मर्डर केस में शनिवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पीड़िता की हत्या के मामले में उसके दोस्त जोगधंकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, मामले में एक अन्य आरोपी दिया पाडलकर को कोर्ट ने बरी कर दिया।
यह मामला 19 साल की जाह्नवी कुकरेजा की हत्या से जुड़ा था। 1 जनवरी 2021 को मुंबई के खार इलाके में जाह्नवी कुकरेजा अपने दोस्तों के साथ एक बिल्डिंग की छत पर नए साल की पार्टी में गई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोस्तों में बहस हो गई, जिसने बाद में हिंसा का रूप ले लिया। आरोप था कि जोगधंकर और दिया पाडलकर ने मिलकर जाह्नवी पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को घसीटते हुए नीचे लाया। कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि यह सब जोगधंकर और पाडलकर के रिश्तों को लेकर हुआ था।
एडिशनल सेशंस जज सत्यनारायण नवंदर ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए शनिवार को जोगधंकर को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी। दिया पाडलकर के खिलाफ सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया।
इस फैसले के बाद मृतक की मां निधि कुकरेजा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे पिछले छह साल से लगातार कोर्ट में आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दिया पाडलकर की बरी के फैसले को चुनौती देंगी। निधि कुकरेजा ने कहा कि कोर्ट ने स्वीकार किया कि दिया पाडलकर अपराध स्थल पर मौजूद थी। इसे लेकर हम अगली कार्रवाई करेंगे।
पीड़िता और उनके परिवार के एडवोकेट त्रिवंकुमार कर्णानी ने बताया कि कोर्ट ने खुले तौर पर यह रिकॉर्ड किया कि आरोपी नंबर 2, दिया पाडलकर अपराध स्थल पर थी और आरोपी नंबर 1, जोगधंकर के साथ मौजूद थी, जिसे आजीवन कारावास की सजा मिली, लेकिन दिया को शक के लाभ के तहत बरी किया गया। कोर्ट ने दिया के होंठ पर चोट और अस्पताल में दिए गए झूठे बयान को भी रिकॉर्ड किया।
एडवोकेट त्रिवंकुमार कर्णानी ने आगे कहा कि वे जल्द ही फैसले की सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करेंगे और उसके आधार पर दिया पाडलकर की बरी के पीछे की वजहों का विश्लेषण करेंगे। इसके बाद वे जरूरी कानूनी कार्रवाई करते हुए इस फैसले को चुनौती देंगे।

