केरल के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सीजे रॉय की आत्महत्या की जांच की मांग की

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तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी (आईएएनएस)। केरल में शनिवार को विभिन्न दलों के नेताओं ने बेंगलुरु में प्रमुख उद्योगपति और कॉन्फिडेंट ग्रुप के अध्यक्ष सीजे रॉय की आत्महत्या की व्यापक जांच की मांग की। खबरों के अनुसार, यह घटना केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी के दौरान हुई थी।

शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित अपने कार्यालय में रॉय ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि गोलीबारी लॉन्गफोर्ड रोड स्थित उनके कार्यालय में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान हुई।

सीपीआई (एम) के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने विस्तृत जांच की मांग की, विशेष रूप से रॉय के परिवार द्वारा उठाई गई शिकायतों की। उन्होंने कहा कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें केंद्रीय एजेंसियों के आचरण पर सवाल उठ सकते हैं।

गोविंदन ने कहा कि हमें ठीक से नहीं पता कि बेंगलुरु में छापेमारी के दौरान क्या हुआ। उन्होंने बताया कि परिवार का आरोप है कि रॉय की मौत छापेमारी की पृष्ठभूमि में हुई और उनकी मृत्यु के बाद भी यह अभियान डेढ़ घंटे तक जारी रहा।

गोविंदन ने कहा कि छापेमारी के दौरान पाई गई किसी भी अनियमितता का कानूनी और मानवीय तरीके से समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनी उपाय उपलब्ध होने के बावजूद ऐसी मौत क्यों हुई, इसकी जांच अवश्य की जानी चाहिए।

सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने रॉय की मृत्यु को स्तब्ध करने वाला बताया और कहा कि इस दुखद परिणाम के कारणों की विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दशकों का अनुभव रखने वाले और एक बड़े कॉर्पोरेट समूह का नेतृत्व करने वाले रॉय ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो इतनी आसानी से कोई चरम कदम उठा लें।

केंद्रीय एजेंसियों को कानून उल्लंघन के मामलों में छापेमारी करने का अधिकार होने की पुष्टि करते हुए, शिवनकुट्टी ने कहा कि यह जांच करना आवश्यक है कि क्या इसमें अनुचित मानसिक दबाव या असामान्य प्रथाओं का हाथ था। उन्होंने न्यायिक निगरानी में जांच का आह्वान किया और अधिकारियों से मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों की गहन जांच करने का आग्रह किया।