तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी डीएमके

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चेन्नई, 1 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य में बहुकोणीय चुनावी मुकाबले की संभावना के बीच सत्तारूढ़ डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) भी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी है। इसी क्रम में वरिष्ठ नेताओं की तैनाती, संगठनात्मक इकाइयों को सक्रिय करने और सीधे मतदाता संवाद को प्राथमिकता देते हुए पार्टी रविवार से आक्रामक राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करेगी।

डीएमके रविवार से ‘तमिलनाडु झुकेगा नहीं’ नारे के साथ अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेगी। पार्टी सूत्रों ने जानकारी दी कि डीएमके पार्टी अगले एक महीने में चुनावी अभियान के तहत सभी 234 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। इसके लिए अलग-अलग जगह पर युवा सम्मेलन, महिलाओं के लिए कार्यक्रम और सार्वजनिक सभाएं होंगी।

अभियान रणनीति के हिस्से के रूप में, डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 स्टार वक्ताओं को चुना है, जो अलग-अलग जगह रैलियों और कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। ये नेता पूरे महीने निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर यात्रा करेंगे, मतदाताओं से जुड़ेंगे और डीएमके सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएंगे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभियान कार्यक्रमों को संवाद जैसे मंच के रूप में तैयार किया गया है, जिनमें स्थानीय प्रमुख हस्तियों, युवाओं, छात्रों, उद्यमियों और शिक्षाविदों की भागीदारी होगी। क्षेत्रीय प्रभारी, जिला सचिव और स्टार वक्ता संयुक्त रूप से इन कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे, सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, विकास पहलों और नीतिगत हस्तक्षेपों पर प्रकाश डालेंगे। इसके साथ ही, वे लोगों की चिंताओं और फीडबैक को भी सुनेंगे।

इसी बीच, डीएमके की महिला विंग ने भी अपनी अभियान तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए एक महिला प्रभारी नियुक्त की है, जिससे जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व वाले जनसंपर्क पर खास जोर दिया जा रहा है।

डीएमके की उप महासचिव और संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने हाल ही में सभी नई नियुक्त महिला प्रभारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बातचीत के दौरान, उन्होंने घर-घर जाकर अभियान के माध्यम से डीएमके सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए, जिसमें घरों, महिला मतदाताओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के साथ सीधे जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया गया।