Wednesday, July 22, 2026
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बजट से लोगों की उम्मीद, सरकार आंकड़ों की हेराफेरी न करे: सुखदेव भगत

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार सदन में बजट पेश करेंगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब छुट्टी के दिन यानी कि रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट को लेकर देशवासियों को काफी उम्मीद है कि कुछ बजट में बड़ा होगा। वहीं कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “बजट से लोगों की उम्मीद है, लेकिन सरकार इसमें आकड़ों की हेराफेरी न करें।”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि यह एक जमीनी हकीकत हो, जो ग्राउंड रियलिटी है, वह बजट में आए और यह आम लोगों के लिए बजट हो। लेकिन जो आर्थिक सर्वे मैंने देखा, उसमें जिस प्रकार जीडीपी ग्रोथ के बारे में बताया, लेकिन बेरोजगारी वैसे ही है, महंगाई के बारे में कोई कोई रोडमैप नहीं था, तो जमीनी हकीकत से काफी दूर था।”

उन्होंने कहा कि आंकड़ों की हेराफेरी ना करें और जो ग्राउंड रियलिटी है, उसकी तरह बजट हो, यह हम अपेक्षा करते हैं। विशेषकर झारखंड के संदर्भ में हम कहना चाहेंगे कि झारखंड के साथ हमेशा बेईमानी की जाती है। झारखंड को वह रेलवे कनेक्टिविटी नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण बात है।

कांग्रेस सांसद ने बजट को लेकर केंद्र सरकार से कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची लागू होने के बावजूद यह जानना जरूरी है कि क्या बजट में आदिवासी क्षेत्रों के लिए कोई अलग और ठोस प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजातीय उत्कर्ष जैसे विशेष प्रावधान अपनी जगह हैं, लेकिन सवाल यह है कि आदिवासी क्षेत्रों में लागू किए जा रहे कानूनों और छत्तीसगढ़ में जंगलों में कॉरपोरेट की नीति के बीच वहां के लोगों के स्वशासन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कर रही है? सांसद ने कहा कि आदिवासियों के हितों के लिए कोई विशेष पैकेज दिया जा रहा है या नहीं, इस पर देश की अपेक्षाएं सरकार से जुड़ी हैं।

इसके साथ ही कांग्रेस सांसद ने रक्षा क्षेत्र पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली बार रक्षा बजट में कटौती की गई थी, जबकि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए इस क्षेत्र पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया। सांसद ने आगे कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार शिक्षा बजट में भी कटौती देखने को मिली थी। सांसद के मुताबिक, देश के समग्र विकास और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।